बीज निगम निदेशक पर ACB का शिकंजा: 2.45 करोड़ की नकदी बरामद, छह आरोपी कोर्ट में पेश
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एसीबी ने एक बड़े कथित उगाही और वित्तीय अनियमितता मामले में जांच तेज कर दी है। बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई समेत छह आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जांच के दौरान अब तक 2.45 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने के साथ-साथ कई संदिग्ध दस्तावेज, हिसाब-किताब और आभूषण भी सामने आए हैं। एसीबी का दावा है कि मामले की परतें खुलने के साथ आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई में सामने आई भारी नकदी ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसी के अनुसार अब तक कुल 2 करोड़ 45 लाख रुपये की नकदी बरामद की जा चुकी है। इनमें से लगभग 1 करोड़ 59 लाख रुपये बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई के आवास से जब्त किए गए, जबकि उनके रिश्तेदार स्वतंत्र ज्यानी के कब्जे से 85 लाख रुपये बरामद हुए। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद एसीबी वित्तीय लेन-देन, आय के स्रोत और संभावित नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
छह आरोपी हिरासत में, अदालत में हुई पेशी
मामले में एसीबी ने अब तक छह लोगों को डिटेन या गिरफ्तार कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। जांच के दायरे में आए आरोपियों में कथित दलाल सुनील सेतिया, गुजरात की एक बीज कंपनी से जुड़े अधिकारी किरण, गणपत तथा फलोदी निवासी सतपाल शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। एसीबी विभिन्न व्यक्तियों की भूमिका, उनके बीच हुए कथित संपर्कों और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच एजेंसी का फोकस यह पता लगाने पर है कि कथित तौर पर संचालित नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ था।
दस्तावेज, ज्वेलरी और कथित उगाही के सुरागों पर फोकस
जांच के दौरान नकदी के अलावा कई ऐसे दस्तावेज, हिसाब-किताब के रिकॉर्ड और आभूषण मिलने की जानकारी सामने आई है, जिनकी जांच की जा रही है। एसीबी सूत्रों के अनुसार बीकानेर समेत विभिन्न स्थानों से करोड़ों रुपये की कथित उगाही से जुड़े संभावित सबूत भी एजेंसी के हाथ लगे हैं। इन तथ्यों की पुष्टि और वित्तीय रिकॉर्ड के मिलान का काम जारी है। एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देशन में चल रही जांच अब कई नई दिशाओं में आगे बढ़ रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और दस्तावेजी साक्ष्यों के विश्लेषण से आने वाले दिनों में मामले में और