हरदोई मुठभेड़ में बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, नूर मोहम्मद समेत 4 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक शातिर मोटरसाइकिल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गया, जबकि उसके तीन साथियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की बाइकें, अवैध हथियार, नकदी और अन्य सामान बरामद किया है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
हरदोई जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पचदेवरा थाना पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने चंदूपुर मोड़ के पास घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। पुलिस को देखते ही संदिग्ध युवक भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया।
भागने के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार घेराबंदी से बचने के प्रयास में आरोपियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में नूर मोहम्मद उर्फ जरेन्द्र के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। वहीं मौके पर मौजूद उसके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
चार आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नूर मोहम्मद उर्फ जरेन्द्र, राजपाल, वीर सिंह चौहान और शिवनाथ के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने क्षेत्र में हुई कई मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब उनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
चोरी की बाइकें और हथियार बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की कई मोटरसाइकिलें, अवैध तमंचे, कारतूस, बाइक खोलने के उपकरण, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। पुलिस का मानना है कि गिरोह चोरी की गई मोटरसाइकिलों को अलग-अलग क्षेत्रों में बेचने का काम करता था। बरामद सामान को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
नूर मोहम्मद पर दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस जांच में सामने आया है कि घायल आरोपी नूर मोहम्मद का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में चोरी और अन्य अपराधों से जुड़े लगभग एक दर्जन मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उसके खिलाफ पहले भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।
गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की गई मोटरसाइकिलों को किन माध्यमों से बेचा जाता था और गिरोह के साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।