नागपुर की दरगाह में खौफनाक खेल! बंगाल से आई महिला को बंधक बनाकर जबरन धर्मांतरण का दबाव, मुख्य संचालक समेत 3 गिरफ्तार
महाराष्ट्र के नागपुर से जबरन धर्मांतरण, बंधक बनाने और जानलेवा हमले का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। नागपुर ग्रामीण के पारशिवनी इलाके में स्थित प्रसिद्ध ‘अम्मा की दरगाह’ में पश्चिम बंगाल से आई एक महिला को बंधक बनाकर प्रताड़ित करने और उस पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर कन्हान पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दरगाह के मुख्य संचालक और उसके बेटे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस गंभीर वारदात के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस बाकी के फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
धार्मिक आयोजन ‘उर्स’ में शामिल होने आई महिला बनी शिकार
पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ित महिला मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। वह पिछले तीन सालों से नागपुर के जुनी कामठी स्थित अम्मा की दरगाह में आयोजित होने वाले ‘उर्स’ (धार्मिक मेले) में नियमित रूप से शामिल होने आ रही थी। इसी वजह से दरगाह प्रबंधन के कुछ लोग उसे अच्छी तरह जानने लगे थे। आरोप है कि इस बार महिला को सोची-समझी साजिश के तहत टारगेट किया गया। दरगाह परिसर के भीतर ही उसे जबरन बंधक बना लिया गया और उस पर हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम बनने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से भारी दबाव डाला जाने लगा।
धर्म बदलने से इनकार पर बेरहमी से मारपीट और हत्या का प्रयास
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उसने अपनी आस्था बदलने और आरोपियों की बात मानने से साफ इनकार कर दिया, तो उनके व्यवहार में हिंसक बदलाव आ गया। दरगाह के बंद कमरे में महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे भूखा-प्यासा रखकर बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं थमा, आरोपियों ने महिला को खामोश करने और मामले को दबाने के उद्देश्य से उसकी गला दबाकर हत्या करने का भी प्रयास किया। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर डरी-सहमी महिला अपनी जान बचाकर वापस अपने गृह राज्य भागने में सफल रही।
बंगाल में दर्ज हुई जीरो FIR, नागपुर ट्रांसफर होते ही पुलिस का एक्शन
इस खौफनाक आपबीती के बाद डरी-सहमी पीड़िता ने पश्चिम बंगाल पहुंचकर अपने स्थानीय पुलिस थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। चूंकि घटनास्थल नागपुर का कन्हान थाना क्षेत्र था, इसलिए बंगाल पुलिस ने तकनीकी रूप से ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कर मामले को कन्हान पुलिस को ट्रांसफर कर दिया। महाराष्ट्र पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए तुरंत जाल बिछाया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और दरगाह संचालक ताजी तनवीर उद्दीन, उसके बेटे ताजी मुस्तफीउद्दीन और उनके एक मुख्य सहयोगी तेजस खोबरागड़े को दबोच लिया।
मुख्य संचालक समेत 6 पर केस, फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश
कन्हान पुलिस ने इस पूरे मामले में मुख्य संचालक ताजी तनवीर उद्दीन और उसके बेटे सहित कुल 6 नामजद लोगों के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाने, जबरन धर्मांतरण का दबाव डालने, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसी संगीन और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, इस खौफनाक साजिश और वारदात में शामिल अन्य तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें अलग-अलग ठिकानों पर सरगर्मी से छापेमारी कर रही हैं।