अनिता बिश्नोई की हालत में सुधार, दो दिन बाद आया होश; विशेषज्ञों ने बताई ट्रोलिंग की गंभीरता
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनिता बिश्नोई की सेहत में अब सुधार देखने को मिल रहा है। विषाक्त पदार्थ सेवन करने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराई गई अनिता को दो दिन बाद होश आ गया है। डॉक्टरों के अनुसार अब उनकी स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर है और वे खतरे से बाहर हैं।
3 जून को अस्पताल में कराया गया था भर्ती
जानकारी के अनुसार 3 जून को अनिता बिश्नोई ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। इसके बाद उन्हें गंभीर अवस्था में जोधपुर के मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में लगातार उपचार किया गया।
डॉक्टरों ने बताया खतरे से बाहर
एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय अनिता की हालत बेहद गंभीर थी, लेकिन उपचार के बाद अब उनकी स्थिति स्थिर है।
डॉक्टरों के अनुसार उन्हें होश आ गया है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है।
ट्रोलिंग से परेशान होने की चर्चा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अनिता बिश्नोई सोशल मीडिया पर लगातार हो रही ट्रोलिंग और नकारात्मक टिप्पणियों से मानसिक रूप से परेशान थीं।
हालांकि इस मामले में पुलिस ने भी जानकारी जुटाई है, लेकिन उनके पति दीनाराम ने फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से इनकार किया है।
मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है गहरा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और अपमानजनक टिप्पणियां कई बार लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं।
लगातार आलोचना, नकारात्मक प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत हमले व्यक्ति को तनाव, अवसाद और अकेलेपन की ओर धकेल सकते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
मनोचिकित्सक ने दी महत्वपूर्ण सलाह
जयपुर की मनोचिकित्सक डॉ. रोमा चेलानी के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में व्यक्ति खुद को अकेला महसूस करने लगता है और उसके मन में नकारात्मक विचार लगातार बढ़ने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव की स्थिति में व्यक्ति को खुद को अलग-थलग नहीं करना चाहिए, बल्कि परिवार, दोस्तों या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से खुलकर बात करनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने में भी संकोच नहीं करना चाहिए।
सोशल मीडिया उपयोग को लेकर चेतावनी
सोशल मीडिया विशेषज्ञ आशीष शर्मा का कहना है कि आज के समय में प्रसिद्धि पाने की होड़ में कई लोग विवादित और नकारात्मक कंटेंट की ओर आकर्षित हो जाते हैं।
उन्होंने सलाह दी कि कंटेंट क्रिएटर्स को सकारात्मक और गुणवत्तापूर्ण सामग्री पर ध्यान देना चाहिए। किसी भी पोस्ट को साझा करने से पहले उसके प्रभाव के बारे में गंभीरता से विचार करना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर जारी है चर्चा
अनिता बिश्नोई के स्वास्थ्य में सुधार की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन ट्रोलिंग और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर चर्चा को तेज कर दिया है।