कौन हैं ‘सोलर मैन’ तरुण कपूर? PM मोदी के भरोसेमंद सलाहकार को फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार और पूर्व IAS अधिकारी तरुण कपूर का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ा दिया गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें अगले एक वर्ष तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में सलाहकार के रूप में बनाए रखने का फैसला किया है। ऊर्जा क्षेत्र में उनके योगदान के कारण उन्हें देश का ‘सोलर मैन’ भी कहा जाता है।
PMO में एक साल का और मिला विस्तार
केंद्र सरकार ने 4 जून को जारी आदेश में प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी है। अब वह 10 जून 2026 से अगले एक वर्ष तक प्रधानमंत्री कार्यालय में अपनी सेवाएं देते रहेंगे।
यह दूसरी बार है जब उनके कार्यकाल को बढ़ाया गया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार उनकी विशेषज्ञता और अनुभव को बेहद महत्वपूर्ण मानती है।
हिमाचल प्रदेश से है संबंध
तरुण कपूर 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रहे हैं। वह हिमाचल प्रदेश कैडर से जुड़े रहे और उनका संबंध शिमला से है। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
क्यों कहलाते हैं ‘सोलर मैन’?
तरुण कपूर को प्रशासनिक और ऊर्जा क्षेत्र में ‘सोलर मैन’ के नाम से जाना जाता है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) में कार्यकाल के दौरान उन्होंने सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देश में ग्रीन एनर्जी, सौर ऊर्जा उत्पादन और टिकाऊ विकास की दिशा में उनके योगदान को काफी सराहा गया। इसी वजह से उन्हें ऊर्जा क्षेत्र का एक प्रमुख नीति विशेषज्ञ माना जाता है।
प्रशासनिक करियर रहा बेहद प्रभावशाली
अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान तरुण कपूर ने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। हिमाचल प्रदेश सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के रूप में ऊर्जा, वन और शहरी विकास जैसे विभागों की कमान संभाली।
इसके बाद केंद्र सरकार में उन्होंने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
पेट्रोलियम सचिव के रूप में निभाई अहम भूमिका
तरुण कपूर का सबसे चर्चित कार्यकाल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव के रूप में रहा। ऊर्जा सुरक्षा, गैस वितरण और पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़ी कई नीतियों के निर्माण में उनकी अहम भूमिका रही।
वह वर्ष 2021 में इसी पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
रिटायरमेंट के बाद मिली PMO में जिम्मेदारी
सेवानिवृत्ति के बाद मई 2022 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सलाहकार नियुक्त किया गया। ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास जैसे विषयों पर उनकी गहरी समझ को देखते हुए उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई।
जून 2024 में उनका कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ाया गया था और अब एक बार फिर उन्हें एक वर्ष का विस्तार मिला है।
सरकार के भरोसेमंद नीति विशेषज्ञ
ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक विकास से जुड़े मामलों में तरुण कपूर को सरकार के सबसे भरोसेमंद नीति विशेषज्ञों में गिना जाता है। PMO में उनका लगातार बने रहना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में भी वे कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों में अहम भूमिका निभाते रहेंगे।