अमृतसर में 12वीं छात्रा ने की आत्महत्या, फीस विवाद और कथित मानसिक प्रताड़ना पर स्कूल प्रशासन पर सवाल
पंजाब के अमृतसर में 12वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि 20 हजार रुपये फीस बकाया होने पर स्कूल के टीचर और प्रिंसिपल द्वारा उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मामले में शिक्षा विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।
फीस विवाद बना तनाव की वजह, छात्रा पर प्रताड़ना के आरोप
परिजनों के अनुसार, छात्रा अमजोत कौर पढ़ाई में होनहार थी और 12वीं कक्षा में अध्ययनरत थी। लेकिन स्कूल की लगभग 20 हजार रुपये फीस बकाया होने के कारण उसे कथित रूप से स्कूल स्टाफ द्वारा बार-बार अपमानित किया जाता था। मां का आरोप है कि टीचर और प्रिंसिपल द्वारा मानसिक दबाव बनाया गया, जिससे छात्रा गहरे तनाव में आ गई। परिवार का कहना है कि स्कूल में लगातार हो रहे अपमान और दबाव ने बच्ची को मानसिक रूप से तोड़ दिया, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।
शिक्षा मंत्री का बयान, सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भी स्कूल की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि किसी भी छात्र के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी।
पुलिस जांच में जुटी, स्कूल प्रबंधन से पूछताछ जारी
विजय नगर पुलिस पोस्ट के एएसआई हरजिंदर सिंह ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से पूछताछ शुरू कर दी है और सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस फॉर्मल जांच की प्रक्रिया पूरी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
परिवार का दर्द, होनहार छात्रा की मौत से इलाके में शोक
परिजनों का कहना है कि अमजोत एक मेहनती और पढ़ाई में अच्छी छात्रा थी, लेकिन स्कूल में मिले कथित अपमान और मानसिक प्रताड़ना ने उसे तोड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग भी स्कूल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।