दौसा से फरीदाबाद तक फैला नकली नोटों का नेटवर्क बेनकाब, 24.84 लाख की जाली करेंसी बरामद
राजस्थान पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 500 रुपये के जाली नोट छापने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। जांच के दौरान हरियाणा के फरीदाबाद से संचालित अवैध छापाखाने का खुलासा हुआ, जहां से लाखों रुपये के नकली नोट और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला आधुनिक उपकरण बरामद किया गया। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक किशोर को निरुद्ध कर पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है।
नकली नोटों की बरामदगी से खुला बड़े रैकेट का राज
मामले की शुरुआत तब हुई जब पुलिस ने एक आरोपी को 40 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान एक किशोर भी पुलिस के रडार पर आया, जिसके कब्जे से 47 हजार रुपये की जाली मुद्रा बरामद हुई। शुरुआती पूछताछ में मिले सुरागों ने जांच को एक बड़े संगठित गिरोह तक पहुंचा दिया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई तेज की और नकली नोटों के पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगीं।
हरियाणा में चल रही थी जाली नोटों की फैक्टरी
जांच के दौरान पुलिस टीम हरियाणा के फरीदाबाद पहुंची, जहां एक मकान में नकली नोट छापने का पूरा सेटअप संचालित किया जा रहा था। छापेमारी में 500 रुपये के 4,968 जाली नोट बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 24 लाख 84 हजार रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा 11 उच्च गुणवत्ता वाले प्रिंटर, लैपटॉप, विशेष कागज, वाटरमार्क तैयार करने के उपकरण, केमिकल, कटर और अन्य तकनीकी सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था।
दौसा और अजमेर से जुड़े तार, कई लोगों से पूछताछ जारी
पुलिस जांच में सामने आया कि जाली नोटों की सप्लाई राजस्थान के विभिन्न जिलों तक की जा रही थी। पूछताछ के दौरान कुछ आरोपियों ने दौसा निवासी एक व्यक्ति का नाम बताया, जिसके माध्यम से नकली नोट अजमेर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचाए जाते थे। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के आर्थिक लेन-देन, संपर्क सूत्रों और वितरण तंत्र को खंगाला जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों से मिल रहे अहम सुराग
इस कार्रवाई में पुलिस ने दौसा, फरीदाबाद और झारखंड से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है। सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनसे मिली जानकारी के आधार पर कई अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह केवल राजस्थान और हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
किशनगढ़ कनेक्शन की भी जांच, नेटवर्क का दायरा बढ़ा
मामले की जांच के दौरान किशनगढ़ कनेक्शन भी सामने आया है। मदनगंज थाना पुलिस ने नकली नोटों के कारोबार से जुड़े आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोटों का यह नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है और इसमें कितने लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।