5 महीने पुराने हाईवे जाम मामले में सांसद हनुमान बेनीवाल सहित कई लोगों पर FIR दर्ज
नागौर जिले के पादूकलां क्षेत्र में जनवरी 2026 में हुए हाईवे जाम प्रकरण में पुलिस ने अब कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। करीब पांच महीने बाद दर्ज हुए इस मामले में सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई नेताओं और समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर यातायात बाधित हुआ और प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना की गई।
पांच महीने बाद शुरू हुई कानूनी कार्रवाई
नागौर जिले के पादूकलां में हुए हाईवे जाम मामले में पुलिस ने लंबी अवधि के बाद कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस उप-अधीक्षक डेगाना के निर्देश पर पादूकलां थाने में दर्ज रोजनामचा रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया। यह कार्रवाई जनवरी 2026 में हुए उस घटनाक्रम से जुड़ी है, जब आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक और वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचे थे। पुलिस अब पूरे मामले से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
सभा के बाद हाईवे पर पहुंचा था समर्थकों का काफिला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 13 जनवरी 2026 को रियाबड़ी क्षेत्र में एक सार्वजनिक सभा आयोजित की गई थी। आरोप है कि सभा के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने आंदोलन को तेज करने, सड़क जाम करने और जयपुर कूच करने का आह्वान किया। इसके बाद बड़ी संख्या में समर्थकों और वाहनों का काफिला पादूकलां तिराहे स्थित नेशनल हाईवे-58 की ओर बढ़ा। प्रशासन का कहना है कि इस दौरान हाईवे पर सामान्य यातायात प्रभावित हुआ और सड़क पर लंबा जाम लग गया।
यातायात बाधित होने का आरोप
मामले में आरोप लगाया गया है कि आंदोलन में शामिल वाहनों ने हाईवे पर धीमी गति से चलकर यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और सड़क पर आवागमन बाधित हुआ। पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह की गतिविधियों से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई, जिसके चलते अब संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाएगा।
जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी पुलिस
पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेजों, वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा कर रही है। जांच के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन लोगों की भूमिका प्रत्यक्ष रूप से सामने आती है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी मामले में नियमों के उल्लंघन की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
मामले में सांसद हनुमान बेनीवाल का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। घटना को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि मामले की अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।