पाकिस्तान कनेक्शन वाला आतंकी गिरफ्तार: ATS पूछताछ में हुए बड़े खुलासे, फिदायीन हमले की थी तैयारी
उत्तर प्रदेश में आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी शहबाज सिद्धीकी से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी कथित रूप से पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क के संपर्क में था और देश में बड़े हमले की तैयारी कर रहा था। एटीएस अब उसके संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
कासगंज से गिरफ्तारी के बाद जांच में तेजी
उत्तर प्रदेश एटीएस ने 18 मई को कासगंज से शहबाज सिद्धीकी को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों को सोशल मीडिया गतिविधियों और संदिग्ध संपर्कों के आधार पर उसके खिलाफ महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। गिरफ्तारी के बाद अदालत से कस्टडी रिमांड मिलने पर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों और गतिविधियों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
मोबाइल फोन से मिले अहम डिजिटल सबूत
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इनमें कथित रूप से विदेशी आतंकियों के साथ चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य ऑनलाइन संवाद शामिल हैं। जांच एजेंसियां इन सामग्रियों की तकनीकी जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियों का दायरा कितना व्यापक था। डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण के आधार पर आगे की जांच को दिशा दी जा रही है।
फिदायीन हमले की कथित तैयारी की जांच
पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर एटीएस यह जांच कर रही है कि आरोपी किसी संभावित हमले की योजना से जुड़ा था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर जानकारी को साक्ष्यों और तकनीकी जांच के जरिए सत्यापित किया जा रहा है। जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि आरोपी को किस प्रकार निर्देश मिल रहे थे और उसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए मामले को गंभीरता से ले रही हैं।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी अकेले काम नहीं कर रहा था और उसके संपर्क में अन्य लोग भी हो सकते हैं। इसी वजह से उसके फोन रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोगों की पहचान हो सकती है। विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ भी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो सके।
सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की कर रही हैं पड़ताल
एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। जांच का उद्देश्य केवल आरोपी की भूमिका तय करना ही नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि किसी बड़े षड्यंत्र की संभावना को समय रहते विफल किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।