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200 रुपये के विवाद में मासूम की हत्या, कोटा की घटना ने झकझोरा

राजस्थान के कोटा शहर में दोस्ती, बचपन और मासूमियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। महज 100 से 200 रुपये के विवाद में एक नाबालिग बच्चे ने अपने ही 10 वर्षीय दोस्त की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सामान्य तरीके से घर जाकर सो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि आखिर इतनी कम उम्र में बच्चों के भीतर इतनी हिंसक मानसिकता कैसे जन्म ले रही है।

खेलने निकला बच्चा वापस नहीं लौटा, परिवार में मचा हड़कंप

कोटा के रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में रहने वाला 10 वर्षीय बालक सोमवार दोपहर घर से खेलने के लिए निकला था। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार ने आसपास तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। फुटेज में बच्चा अपने एक नाबालिग दोस्त के साथ जाता दिखाई दिया, जिसके बाद पुलिस का शक उसी पर गया और पूछताछ शुरू की गई।

पैसों के विवाद में दोस्त बना हत्यारा

पुलिस पूछताछ में आरोपी नाबालिग ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि दोनों के बीच कुछ पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बात पर उसने अपने दोस्त को रेलवे वर्कशॉप के पास जंगल वाले इलाके में बुलाया। वहां दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले गई। आरोपी ने पास में पड़े पत्थर से बच्चे के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना ने इलाके के लोगों को स्तब्ध कर दिया है।

हत्या के बाद घर जाकर सो गया आरोपी

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि हत्या करने के बाद आरोपी बिना किसी डर के घर लौट गया और आराम से सो गया। उधर, जंगल में पड़ा शव देर रात बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक शव काफी क्षत-विक्षत हालत में मिला, क्योंकि उसे जंगली जानवरों ने नोच दिया था। यह दृश्य देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को भावुक और गुस्से से भर दिया है।

पुलिस जांच में जुटी, समाज के सामने बड़ा सवाल

घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Subhash Chandra Mishra सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अब आरोपी नाबालिग और उसके परिवार से पूछताछ कर रही है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि घटना के पीछे की मानसिक स्थिति और परिस्थितियों को समझा जा सके। यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक गंभीर सवाल भी है—क्या बच्चों के भीतर बढ़ती हिंसा और आक्रामकता को समय रहते समझने और रोकने की जरूरत नहीं है?

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