किसानों के हक की लड़ाई में उतरीं कृष्णा पूनिया, सिद्धमुख मंडी में चना खरीद पर बवाल
मंडी में धांधली के आरोपों से बढ़ा किसानों का आक्रोश
राजस्थान के चूरू जिले स्थित सिद्धमुख कृषि मंडी में चने की सरकारी खरीद को लेकर किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। किसानों ने तुलाई में गड़बड़ी, टोकन व्यवस्था में पक्षपात और फसल रिजेक्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। बढ़ते विरोध के बीच पूर्व विधायक Krishna Poonia खुद मंडी पहुंचीं और किसानों के साथ धरने पर बैठ गईं। उनका कहना है कि किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंडी परिसर में बड़ी संख्या में किसान जुटे, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया और पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया।
तुलाई में गड़बड़ी का आरोप, किसानों ने जताई नाराजगी
धरने पर बैठे किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद केंद्रों पर चने की तुलाई पारदर्शी तरीके से नहीं की जा रही। किसानों का कहना है कि बोरियों के वजन में कटौती की जा रही है और गुणवत्ता के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। कई किसानों ने दावा किया कि घंटों इंतजार के बाद भी उनकी उपज को नमी या क्वालिटी का हवाला देकर रिजेक्ट कर दिया जाता है। इससे किसान मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर व्यापारियों को बेचने को मजबूर हो रहे हैं। तेज गर्मी के बीच मंडी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में इंतजार कर रहे किसानों की परेशानी ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टोकन सिस्टम और खरीद प्रक्रिया पर उठे सवाल
स्थानीय किसानों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और टोकन सिस्टम में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि वास्तविक किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। किसानों का आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका बढ़ गई है, जिससे पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। कई किसानों ने बताया कि उन्हें निर्धारित समय पर टोकन नहीं मिल रहे, जिससे उनकी उपज लंबे समय तक खुले में पड़ी रहती है और नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। इस मुद्दे ने किसानों के बीच नाराजगी और असंतोष को और तेज कर दिया है।
कृष्णा पूनिया ने खोला मोर्चा, जांच की मांग
पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया ने मंडी प्रशासन पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्नदाता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान पूरे साल मेहनत कर फसल तैयार करता है, लेकिन मंडियों में उसे सम्मान और उचित दाम नहीं मिल पा रहे। पूनिया ने चने की खरीद और तुलाई प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।