LPG सप्लाई पर राहत: होर्मुज पार कर भारत पहुंचे दो बड़े गैस टैंकर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरते हुए दो बड़े LPG टैंकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों में कुल 66 हजार मीट्रिक टन से अधिक रसोई गैस भरी हुई है। ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण तेल और गैस आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ रही है, इन जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना घरेलू गैस सप्लाई के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। केंद्र सरकार और समुद्री एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
कतर से रवाना हुआ ‘सिमी’ टैंकर, गुजरात पहुंचेगी गैस
मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला LPG कैरियर ‘सिमी’ हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट को पार कर भारत की ओर रवाना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार इस जहाज में करीब 20 हजार मीट्रिक टन लिक्विड प्रोपेन और ब्यूटेन भरा हुआ है। यह गैस कतर के रास लफान टर्मिनल से लोड की गई थी। जहाज में कुल 21 क्रू सदस्य मौजूद हैं, जिनमें यूक्रेन और फिलीपींस के नागरिक शामिल हैं। अनुमान है कि यह टैंकर शनिवार तक गुजरात के दीनदयाल पोर्ट (कांडला) पहुंच जाएगा, जहां से गैस की आपूर्ति विभिन्न राज्यों में की जाएगी।
न्यू मंगलुरु पोर्ट की ओर बढ़ रहा दूसरा जहाज
वियतनाम के झंडे वाला दूसरा LPG जहाज ‘NV सनशाइन’ भी सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है। यह टैंकर अब भारत के न्यू मंगलुरु पोर्ट की ओर बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार जहाज में करीब 46 हजार मीट्रिक टन कुकिंग गैस लदी हुई है। इसके 18 मई तक भारत पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस जहाज के पहुंचने से दक्षिण भारत में LPG सप्लाई को मजबूती मिलेगी और घरेलू गैस वितरण पर दबाव कम होगा।
बढ़ते तनाव के बीच भारत ने बनाई विशेष रणनीति
फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में जारी तनाव के बावजूद भारतीय एजेंसियों ने गैस और कच्चे तेल की सप्लाई बनाए रखने के लिए विशेष समन्वय तंत्र तैयार किया है। DG Shipping, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय मिलकर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब तक कई LPG टैंकर सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ अन्य जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और सुरक्षित मार्ग मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार का दावा है कि देश में रसोई गैस की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है।