राजस्थान में 900 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ा एक्शन, पूर्व मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार
राजस्थान की राजनीति में गुरुवार को उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़े कथित 900 करोड़ रुपये के घोटाले में पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से जांच के घेरे में चल रहे इस मामले में एसीबी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने जयपुर स्थित उनके आवास पर कार्रवाई की। इस गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
सुबह-सुबह छापेमारी, पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
एसीबी की विशेष जांच टीम ने गुरुवार तड़के जयपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित सन कॉलोनी में महेश जोशी के घर पर दबिश दी। अधिकारियों ने कई घंटों तक दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की। इसके बाद पूछताछ का दौर चला और आखिरकार सुबह करीब पांच बजे टीम उन्हें अपने साथ ले गई। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन के सुराग मिले हैं। गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई और कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रही है।
जल जीवन मिशन में करोड़ों की अनियमितताओं का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। आरोप है कि परियोजनाओं में नियमों को नजरअंदाज कर ठेकों और भुगतान प्रक्रियाओं में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां की गईं। इसी मामले में साल 2024 में एसीबी ने कई वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि योजना से जुड़े कार्यों में सरकारी धन का गलत इस्तेमाल किया गया और कथित तौर पर फर्जी प्रक्रियाओं के जरिए करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
कई बड़े अधिकारी पहले ही गिरफ्त में
इस चर्चित मामले में पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल सहित कई अधिकारी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपियों में वित्तीय सलाहकार, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले का नेटवर्क काफी बड़ा था और इसमें विभागीय स्तर पर कई लोगों की भूमिका सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
एसीबी ने बताया कि मामले में कुछ आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं, जिन्हें अदालत की ओर से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। जांच एजेंसी अब उनकी संपत्तियों का ब्यौरा जुटाकर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही फरार आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और वित्तीय लेनदेन से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
राजनीतिक माहौल गरमाया, आरोप-प्रत्यारोप तेज
महेश जोशी की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान की राजनीति में माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है। फिलहाल एसीबी की जांच जारी है और एजेंसी पूरे घोटाले की परतें खोलने में जुटी हुई है।