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राष्ट्रपति से मिले राघव चड्ढा, पंजाब सरकार पर लगाया प्रतिशोध की राजनीति का आरोप

भाजपा में शामिल होने के बाद Raghav Chadha ने Droupadi Murmu से मुलाकात कर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चड्ढा का कहना है कि राज्य सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी सांसदों को निशाना बना रही है। इस मुलाकात में अन्य सांसदों ने भी कथित कार्रवाई और राजनीतिक दबाव को लेकर चिंता जताई।

राष्ट्रपति से मुलाकात में उठाए गंभीर मुद्दे

मंगलवार को राघव चड्ढा ने सांसद Sandeep Pathak और Ashok Mittal के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सांसदों के खिलाफ सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। चड्ढा ने कहा कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि सुनियोजित प्रतिशोध की कार्रवाई है। उन्होंने राष्ट्रपति को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए हस्तक्षेप की मांग की।

एजेंसियों के दुरुपयोग और धमकियों का आरोप

राघव चड्ढा ने दावा किया कि पंजाब सरकार विभिन्न एजेंसियों के जरिए उन्हें और अन्य सांसदों को डराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सूत्रों के अनुसार वे खुद अगला निशाना बन सकते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से धमकाने और अफवाह फैलाने का भी आरोप लगाया गया। चड्ढा ने कहा कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।

छापेमारी और FIR को बताया बदले की कार्रवाई

चड्ढा ने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ सांसदों और उनसे जुड़े लोगों पर की गई कार्रवाई बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने Punjab Pollution Control Board द्वारा एक उद्योग इकाई पर छापेमारी और सांसदों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को इसी कड़ी का हिस्सा बताया। उनका कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य राजनीतिक दबाव बनाना और छवि खराब करना है।

सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों का आश्वासन

मुलाकात के बाद चड्ढा ने कहा कि राष्ट्रपति ने उन्हें सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि यह आश्वासन लोकतंत्र में विश्वास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। चड्ढा ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को कानूनी और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाएंगे और किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।

अन्य सांसदों ने भी दोहराए आरोप

सांसद संदीप पाठक ने भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर-जमानती धाराओं में दर्ज एफआईआर के जरिए उन्हें डराने की कोशिश हो रही है, हालांकि इन मामलों की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट नहीं है। पाठक ने कहा कि उन्होंने अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत पार्टी छोड़ी है और वे इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।

राजनीतिक टकराव तेज, आगे बढ़ सकता है विवाद

इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है। भाजपा में शामिल हुए पूर्व AAP सांसदों और राज्य सरकार के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। आने वाले समय में यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर और गहरा सकता है, जिससे राज्य की सियासत में नई हलचल देखने को मिल सकती है।

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