अलवर में स्वच्छता पर सख्ती: जिला कलक्टर का सघन दौरा, नगर निगम को दिए सख्त निर्देश
अलवर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने नगर निगम टीम के साथ शहर का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान नालों, बैकलेन और कचरा प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लेकर अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग, कचरा सेग्रीगेशन और नागरिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नालों और सफाई व्यवस्था पर विशेष फोकस
जिला कलक्टर ने निरीक्षण के दौरान शहर के बड़े नालों की सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालों की नियमित और व्यवस्थित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव और गंदगी की समस्या से नागरिकों को राहत मिल सके। साथ ही अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि सफाई कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई हो। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि बैकलेन और उपेक्षित क्षेत्रों में भी समान रूप से सफाई कार्य संचालित हों।
कचरा संग्रहण प्रणाली को बनाया जाए और प्रभावी
नगर निगम की कचरा संग्रहण प्रणाली को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। जिला कलक्टर ने ऑटो टिपर के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक वार्ड में निर्धारित समय पर कचरा संग्रहण अनिवार्य रूप से हो। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने के लिए जागरूक किया जाए। इससे न केवल सफाई व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया भी अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनेगी।
खाली भूखंडों और लापरवाहों पर सख्ती के निर्देश
शहर में फैली गंदगी को रोकने के लिए खाली भूखंडों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि भूखंड मालिकों को अपने स्थान की सफाई के लिए जिम्मेदार बनाया जाए। यदि वे समय पर कचरा नहीं हटाते हैं, तो नगर निगम स्वयं सफाई करवाकर उसका खर्च संबंधित मालिक से वसूले। साथ ही नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि शहर में स्वच्छता के प्रति जवाबदेही तय हो सके।
बाजार क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई और कार्रवाई
व्यावसायिक क्षेत्रों में साफ-सफाई को लेकर भी प्रशासन ने विशेष योजना बनाई है। जिला कलक्टर ने निर्देशित किया कि बाजारों और व्यस्त इलाकों में रात्रि के समय नियमित सफाई कराई जाए, ताकि दिनभर की गंदगी को समय पर हटाया जा सके। साथ ही सफाई व्यवस्था में सहयोग नहीं करने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठानों पर चालान की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। प्लास्टिक उपयोग पर भी सख्ती बरतते हुए अवैध प्लास्टिक की जब्ती के लिए अभियान चलाने को कहा गया।
जनसहभागिता और जागरूकता पर जोर
जिला कलक्टर ने साफ कहा कि स्वच्छ शहर का लक्ष्य तभी संभव है जब आमजन भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों के साथ तालमेल बनाकर उन्हें कचरा पृथक्करण और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही शहरवासियों से अपील की गई कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और नगर निगम के प्रयासों को सफल बनाने में भागीदार बनें। प्रशासन का उद्देश्य अलवर को स्वच्छ, सुंदर और नागरिक-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करना है।