सिरोही में वर्दी पर दाग: 49 लाख की स्मैक के साथ पुलिस कांस्टेबल गिरफ्तार
राजस्थान के सिरोही जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खुद विभाग के एक कांस्टेबल को मादक पदार्थों की तस्करी में गिरफ्तार किया है। पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान आरोपी के पास से 244 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 49 लाख रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल था और राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी इसकी सप्लाई करता रहा है।
नाकाबंदी में पकड़ा गया आरोपी कांस्टेबल
सिरोही जिले के पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को पुलिस द्वारा की गई नाकाबंदी के दौरान एक बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें 244 ग्राम स्मैक बरामद हुई। जांच में सामने आया कि वाहन चला रहा व्यक्ति खुद पुलिस विभाग में तैनात कांस्टेबल विनोद सिंह है। इस खुलासे ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। बरामद स्मैक की बाजार कीमत करीब 49 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सिरोही में सप्लाई की थी तैयारी, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विनोद सिंह अपने परिचित अरबाज खान के कहने पर सिरोही में स्मैक की सप्लाई करने वाला था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह खेप किसे और कहां दी जानी थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रही है, ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके। जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल, कॉल डिटेल्स और संपर्कों की गहनता से पड़ताल कर रही हैं, जिससे इस अवैध कारोबार की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके।
लंबे समय से तस्करी में लिप्त था आरोपी
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार कांस्टेबल कोई नया खिलाड़ी नहीं, बल्कि लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था। वह पहले भी कई लोगों के साथ मिलकर महाराष्ट्र के भिवंडी समेत अन्य स्थानों पर स्मैक की सप्लाई कर चुका है। इस मामले में कन्हैयालाल बावरी, कृष्णपाल सिंह और नयूब खान पठान जैसे नाम भी सामने आए हैं। इससे साफ है कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा था, जो लगातार अलग-अलग राज्यों में ड्रग्स सप्लाई कर रहा था।
पुलिस टीम की मुस्तैदी से मिली सफलता
इस पूरी कार्रवाई को पिंडवाड़ा थाना प्रभारी महेंद्र सिरवी के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में डीएसटी के एसआई कमल सिंह, हेड कांस्टेबल जीवाराम और सोहनलाल सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। सभी ने मिलकर सूझबूझ और सतर्कता के साथ इस ऑपरेशन को सफल बनाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं और नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।