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नीमराणा में कबाड़ गोदाम में भीषण आग: 4 की जिंदा जलकर मौत, दो मासूम भी शामिल

राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ जिले के नीमराणा क्षेत्र में एक अवैध कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग ने दर्दनाक त्रासदी को जन्म दे दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि चार लोगों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें दो मासूम बच्चियां भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और ज्वलनशील पदार्थों के बीच असुरक्षित गतिविधि को हादसे की वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लापता लोगों की तलाश जारी है।

कैसे भड़की आग: लापरवाही बनी जानलेवा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गोदाम में परफ्यूम की शीशियां तोड़ने का काम किया जा रहा था, जिससे बड़ी मात्रा में ज्वलनशील स्प्रिट बाहर फैल गया। इसी दौरान वहां मौजूद एक पिकअप चालक द्वारा फेंकी गई जलती बीड़ी ने पूरे माहौल को आग की लपटों में बदल दिया। चंद पलों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम के हर हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण आग पर तुरंत काबू पाना संभव नहीं हो सका, जिससे स्थिति और भयावह बन गई।

टीन शेड बना मौत का जाल

आग लगने के बाद वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। इसी अफरा-तफरी में चार लोग, जिनमें दो छोटी बच्चियां शामिल थीं, पीछे बने टीन शेड में जाकर छिप गए। लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि टीन शेड खुद ही पिघलने लगा और अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके। देखते ही देखते यह शेड उनके लिए मौत का जाल बन गया और सभी की दर्दनाक तरीके से जिंदा जलकर मौत हो गई। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर पहुंचे लोग भी स्तब्ध रह गए।

अवैध संचालन और सुरक्षा की कमी उजागर

स्थानीय जानकारी के अनुसार यह कबाड़ गोदाम खेत में अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। यहां ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण और प्रसंस्करण बिना किसी सुरक्षा मानकों के किया जा रहा था। आग बुझाने के उपकरणों और आपातकालीन निकासी के इंतजामों का पूरी तरह अभाव था। यही लापरवाही इस बड़े हादसे का प्रमुख कारण मानी जा रही है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि इस अवैध गतिविधि की जानकारी संबंधित विभागों को पहले से थी या नहीं।

राहत और बचाव कार्य: देर रात तक चला अभियान

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। दमकल टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है, जिनकी पहचान डीएनए जांच के बाद कराई जाएगी। वहीं एक घायल महिला का इलाज स्थानीय निजी अस्पताल में जारी है।

जांच शुरू: लापता लोगों की देर रात तक तलाश रही जारी

पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार घटना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है, जिसमें गोदाम के संचालन, सुरक्षा उपायों और हादसे के कारणों को शामिल किया गया है। साथ ही दो लोगों के लापता होने की सूचना के आधार पर उनकी तलाश भी जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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