अलवर में एयर स्ट्राइक-ड्रोन हमले की मॉकड्रिल, प्रशासन अलर्ट
अलवर में संभावित आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एयर स्ट्राइक और ड्रोन हमले की आशंका पर मॉकड्रिल आयोजित की गई। विभिन्न विभागों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया और प्रतिक्रिया समय का परीक्षण किया गया।
अलर्ट मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे आर्ट्स कॉलेज परिसर में जैसे ही एयर स्ट्राइक और ड्रोन हमले का अलर्ट मिला, प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। मॉकड्रिल के तहत पूरे इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। सबसे पहले कॉलेज परिसर को सुरक्षित तरीके से खाली कराया गया, ताकि संभावित खतरे से लोगों को बचाया जा सके।
सभी विभागों ने मिलकर किया अभ्यास
मॉकड्रिल के दौरान राजस्थान पुलिस, चिकित्सा विभाग, अग्निशमन दल, एम्बुलेंस, सिविल डिफेंस और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग लगने की स्थिति का भी अभ्यास किया गया, जिसमें फायर ब्रिगेड ने तुरंत पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। इस दौरान टीमों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन देखा गया।
ड्रोन अलर्ट सिस्टम और उपकरणों की जांच
अभ्यास के दौरान ड्रोन हमले से जुड़ी चेतावनी प्रणाली, हॉटलाइन, रेडियो लिंक और कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली को परखा गया। इसके साथ ही टीटीएल मशीन और आधुनिक हाइड्रोलिक उपकरणों की कार्यक्षमता का भी परीक्षण किया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तकनीकी संसाधन प्रभावी ढंग से काम करें।
कलेक्टर ने बताया मॉकड्रिल का उद्देश्य
जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने बताया कि मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच तालमेल और प्रतिक्रिया समय का आकलन करना था। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर प्रदर्शन संतोषजनक रहा, हालांकि जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा।
ब्लैकआउट कर परखी गई आपात तैयारी
मॉकड्रिल के बाद रात 7:45 से 8:00 बजे तक कर्मचारी कॉलोनी, अशोक विहार और ट्रांसपोर्ट नगर ओवरब्रिज क्षेत्र में ब्लैकआउट किया गया। इस दौरान बिजली बंद कर आपातकालीन स्थिति में व्यवस्था की तैयारियों को परखा गया।