पचपदरा रिफाइनरी आग पर सियासत तेज, मंत्री जोगाराम पटेल का कांग्रेस पर हमला
राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की घटना के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस को इस मुद्दे पर राजनीति न करने की नसीहत दी, जबकि विपक्षी नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रोजेक्ट प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं।
मंत्री जोगाराम पटेल की कांग्रेस को नसीहत
कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने रिफाइनरी में आग की घटना पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की संवेदनशील घटना पर राजनीतिक बयानबाजी उचित नहीं है। पटेल ने स्पष्ट किया कि टेंडर प्रक्रिया राज्य सरकार के हाथ में नहीं होती, बल्कि यह केंद्र के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा तय की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना पूरी जानकारी के आरोप लगाना सही नहीं है और ऐसे समय में सभी को संयम बरतना चाहिए।
उद्घाटन कार्यक्रम टला, जल्द नई तारीख का ऐलान
रिफाइनरी के प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम के टलने के बाद अब नई तारीख को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मंत्री जोगाराम पटेल ने जानकारी दी कि जल्द ही उद्घाटन की नई तिथि घोषित की जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें नरेंद्र मोदी की मौजूदगी भी संभावित है। इससे पहले उद्घाटन को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन आग की घटना के कारण इसे स्थगित करना पड़ा।
अशोक गहलोत ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि जनता के मन में स्वाभाविक रूप से सवाल उठ रहे हैं कि आग कैसे लगी। उन्होंने कहा कि जहां प्रधानमंत्री का दौरा प्रस्तावित था, वहां एक दिन पहले ऐसी घटना होना गंभीर विषय है। गहलोत ने संकेत दिया कि सुरक्षा मानकों और प्रबंधन में कहीं न कहीं कमी हो सकती है, जिसकी जांच जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार को घेरा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीकाराम जूली ने रिफाइनरी परियोजना की प्रगति और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस प्रोजेक्ट की शुरुआत कांग्रेस सरकार ने की थी, उसे बाद में धीमा कर दिया गया। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।
सुरक्षा और जिम्मेदारी पर बढ़ी बहस
रिफाइनरी में आग की घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था बल्कि परियोजना प्रबंधन को लेकर भी बहस छेड़ दी है। एक ओर सरकार इसे दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताते हुए संयम की अपील कर रही है, वहीं विपक्ष पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और उद्घाटन की नई तारीख पर टिकी हुई है, जो इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।