पचपदरा सभा टली, 1600 बसों की व्यवस्था पलटी
बाड़मेर-पचपदरा में पीएम की प्रस्तावित सभा स्थगित होते ही 1600 बसों की विशाल व्यवस्था अचानक रुक गई, प्रशासन ने तुरंत सभी इंतजाम वापस लिए।
सभा स्थगित होते ही बदली तस्वीर
पचपदरा में प्रस्तावित बड़े आयोजन के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की थीं, जिसमें हजारों लोगों को लाने के लिए करीब 1600 बसों का इंतजाम किया गया था। जैसे ही कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना मिली, पूरी व्यवस्था पलभर में बदल गई। बसों को तुरंत वापस भेज दिया गया और पूरे प्लान को रद्द कर दिया गया। यह बदलाव इतनी तेजी से हुआ कि जहां कुछ देर पहले भीड़ जुटाने की तैयारी थी, वहीं कुछ ही मिनटों में पूरा सिस्टम खाली नजर आने लगा।
रिफाइनरी में आग बनी वजह
दरअसल, पचपदरा स्थित रिफाइनरी प्लांट में आग लगने की घटना के बाद यह निर्णय लिया गया। आग की सूचना मिलते ही सुरक्षा और प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। इस घटना ने प्रशासनिक स्तर पर तुरंत फैसले लेने की जरूरत पैदा की। रिफाइनरी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में हुई इस घटना ने पूरे कार्यक्रम की दिशा बदल दी और प्राथमिकता सुरक्षा व्यवस्था को दी गई।
बसों का बड़ा नेटवर्क तैयार था
प्रशासन ने बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों में हर विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बसों का आवंटन किया था। विशेष रूप से बाड़मेर से सैकड़ों बसों को पचपदरा पहुंचना था, जिनके जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से लोगों को सभा स्थल तक लाने की योजना थी। बसें तय स्थानों तक पहुंच चुकी थीं और लोगों को लाने की तैयारियां लगभग पूरी हो गई थीं। लेकिन कार्यक्रम टलते ही यह पूरा नेटवर्क बेकार हो गया और बसों को खाली ही लौटना पड़ा।
शहर से लेकर गांव तक असर
शहरों में जहां स्टेडियम और सार्वजनिक स्थानों पर बसें खड़ी की गई थीं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी ब्लॉक और पंचायत स्तर तक इंतजाम किए गए थे। कई जगह बसें पहले ही पहुंच चुकी थीं और लोग सभा में जाने की तैयारी में थे। लेकिन अचानक आए आदेश के बाद सभी स्तरों पर व्यवस्थाएं रोक दी गईं। इससे साफ दिखा कि आयोजन का दायरा कितना बड़ा था और उसका असर कितने व्यापक क्षेत्र में फैला हुआ था।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
कार्यक्रम स्थगन के बाद प्रशासन ने बिना देरी किए सभी संबंधित अधिकारियों और बस संचालकों को निर्देश जारी किए। बसों को तुरंत फ्री कर दिया गया, जिससे भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बनने से रोका जा सका। इस तेज कार्रवाई से यह सुनिश्चित हुआ कि किसी तरह की अफरा-तफरी न फैले और स्थिति पूरी तरह नियंत्रित बनी रहे। प्रशासनिक समन्वय के कारण बड़े स्तर पर संभावित अव्यवस्था को टाल दिया गया।