उधमपुर बस हादसा: खाई में गिरने से 22 की मौत, कई गंभीर—राहत-बचाव जारी
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। रामनगर क्षेत्र में यात्रियों से भरी बस गहरी खाई में गिर गई, जिससे 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा पहाड़ी रास्ते के खतरनाक मोड़ पर हुआ। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
खतरनाक मोड़ बना हादसे की वजह
यह भीषण हादसा सुबह करीब 10 बजे उस समय हुआ, जब बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी। पहाड़ी क्षेत्र की संकरी और घुमावदार सड़क पर एक खतरनाक मोड़ के पास चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे बस सीधे गहरी खाई में जा गिरी। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की स्थिति और तीखे मोड़ इस दुर्घटना की बड़ी वजह हो सकते हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
राहत-बचाव अभियान तेज, कई घायल अस्पताल में भर्ती
दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। राहत टीमों द्वारा खाई में गिरे यात्रियों को निकालने का अभियान लगातार जारी है। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट करने की भी तैयारी की जा रही है, ताकि उनकी जान बचाई जा सके।
केंद्रीय मंत्री का बयान, हर संभव मदद का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ राहत कार्य में जुटा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन से लगातार संपर्क बना हुआ है और घायलों के इलाज के लिए हर संभव व्यवस्था की जा रही है। साथ ही स्थानीय टीमों को भी सक्रिय किया गया है ताकि बचाव कार्य में तेजी लाई जा सके और प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता मिल सके।
पहाड़ी इलाकों में बढ़ते हादसे चिंता का विषय
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों में सड़क हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उधमपुर, डोडा, रामबन, पुंछ और राजौरी जैसे क्षेत्रों में संकरी, ढलानदार और घुमावदार सड़कें दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनती हैं। इससे पहले भी डोडा और अन्य इलाकों में कई गंभीर हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ। ऐसे में सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करना और परिवहन नियमों का सख्ती से पालन कराना बेहद जरूरी हो गया है।