जुड़वां बहनों का कमाल: पलक 97.80% और पायल 97.60% अंक लाकर बनीं प्रेरणा, IAS बनने का लक्ष्य
खैरथल-तिजारा जिले के टपूकड़ा क्षेत्र की जुड़वां बहनें पलक और पायल ने 12वीं विज्ञान वर्ग में शानदार प्रदर्शन कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पलक ने 97.80% और पायल ने 97.60% अंक प्राप्त किए। दोनों के अंकों में अंतर उतना ही है जितना बचपन में उनकी हाइट और वजन में था—पलक थोड़ी बड़ी और पायल थोड़ी छोटी रही हैं।
दोनों छात्राएं सुनील कुमार और रेखा यादव की बेटियां हैं। पिता सहकारी समिति में मैनेजर हैं, जबकि माता गांव के सरकारी स्कूल में पंचायत शिक्षक हैं। परिवार का शैक्षिक माहौल और माता-पिता का निरंतर सहयोग उनकी सफलता का मुख्य आधार रहा है।
जन्म के समय दोनों बहनों में केवल 3 मिनट का अंतर था। बचपन से ही पलक का कद और वजन पायल से थोड़ा अधिक रहा, लेकिन पढ़ाई के मामले में दोनों हमेशा एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देती रहीं। खास बात यह रही कि परीक्षा अलग-अलग कक्षाओं में देने के बावजूद दोनों ने उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए।
दोनों बहनों की दिनचर्या बेहद अनुशासित रही। वे रोजाना लगभग 6-7 घंटे पढ़ाई करती थीं। कभी साथ बैठकर तो कभी अलग-अलग विषयों पर ध्यान केंद्रित कर पढ़ाई करती थीं। तनाव से बचने के लिए समय-समय पर ब्रेक लेतीं और एक-दूसरे को लगातार प्रेरित करती रहीं। घर में हमेशा हेल्दी कम्पटीशन का माहौल रहा, जिसने उन्हें बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।
अब पलक और पायल का लक्ष्य आईएएस बनना है। उनका कहना है कि वे आगे भी मेहनत जारी रखेंगी और समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहती हैं। दोनों हंसते हुए कहती हैं कि पढ़ाई में बराबरी है, लेकिन पलक थोड़ी आगे रहती है।
उनकी इस उपलब्धि से स्कूल और गांव में खुशी का माहौल है। पलक और पायल की सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
बाइट: मां (रेखा यादव)
“हमें अपनी बेटियों पर बहुत गर्व है। दोनों ने मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। हमने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया और आज उनका सपना साकार होता देख बहुत खुशी हो रही है।”