नालंदा के शीतला मंदिर में भगदड़: 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल, भीड़ और अव्यवस्था बनी वजह
बिहार के नालंदा जिले में शीतला मंदिर में पूजा के दौरान अचानक भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में 8 लोगों की जान चली गई, जबकि कई श्रद्धालु घायल हो गए। भीड़ अधिक होने और व्यवस्था की कमी को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
पूजा के दौरान मचा हड़कंप, मंदिर परिसर में अफरा-तफरी
मंगलवार को नालंदा के दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित शीतला मंदिर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पूजा के दौरान अचानक भीड़ बेकाबू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्रित थे और दर्शन के लिए आगे बढ़ने की होड़ में हालात बिगड़ गए। बैरिकेडिंग टूटने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई, जिससे भगदड़ जैसे हालात बन गए। कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
महिलाएं बनीं हादसे का शिकार, अस्पतालों में इलाज जारी
इस हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक करीब 13-14 घायलों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से 8 को मृत घोषित कर दिया गया। दो गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया है। चिकित्सा टीम लगातार घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उन्हें हर संभव उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
भीड़ का दबाव और अव्यवस्था बनी हादसे की मुख्य वजह
चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की असाधारण भीड़ उमड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लोग कतार में रहने को तैयार नहीं थे और पहले दर्शन करने की होड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान बैरिकेड्स टूट गए और भीड़ अनियंत्रित हो गई। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिससे हालात संभालना मुश्किल हो गया। अव्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की कमी ने इस हादसे को और गंभीर बना दिया।
घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य, वीडियो में दिखी भयावह तस्वीरें
घटना के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में महिलाएं और घायल लोग दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए ले जाया जा रहा है। कुछ श्रद्धालुओं ने यह भी दावा किया कि भगदड़ के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया गया। हालांकि प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री का मुआवज़ा ऐलान, नेताओं ने जताया शोक
हादसे के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए मुआवज़े की घोषणा की है। प्रत्येक मृतक के आश्रित को आपदा प्रबंधन विभाग से 4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।