30 मार्च को वेंकटेश बालाजी धाम पहुंचेंगे रामानुज चिन्न जियर स्वामी
काला कुआं स्थित श्री वेंकटेश बालाजी दिव्य धाम मंदिर में 30 मार्च को एक विशेष आध्यात्मिक आयोजन होने जा रहा है। पद्म विभूषण त्रिदंडी चिन्न श्रीमन नारायण रामानुज जियर स्वामी दोपहर 11 बजे मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन करेंगे। उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।
मंदिर में तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं में उत्साह
रामकिशन कॉलोनी स्थित श्री वेंकटेश बालाजी दिव्य धाम मंदिर में स्वामी जी के स्वागत को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। 30 मार्च को दोपहर 11 बजे स्वामी जी के आगमन पर विशेष पूजा-अर्चना और दर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
देश-विदेश में फैला आध्यात्मिक और सामाजिक कार्य
चिन्न जियर स्वामी देश और विदेश में अपने आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके ट्रस्ट के माध्यम से देशभर में 100 से अधिक आश्रम संचालित हो रहे हैं, जहां नियमित हवन, आराधना, भंडारा और वैदिक शिक्षा दी जाती है। उनका उद्देश्य सनातन संस्कृति का संरक्षण और प्रचार-प्रसार करना है।
आपदा के समय मानव सेवा में निभाई अहम भूमिका
स्वामी जी ने विकास तरंगिणी संस्था के माध्यम से आपदा के समय भी मानव सेवा में अहम योगदान दिया है। वर्ष 2001 के गुजरात भूकंप के बाद उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए गांव का पुनर्निर्माण कराया और सैकड़ों मकान बनवाकर जरूरतमंदों को सौंपे। इसके अलावा सुनामी और अन्य आपदाओं में लाखों लोगों को भोजन, वस्त्र और औषधियां उपलब्ध कराई गईं।
‘स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी’ से मिली वैश्विक पहचान
Statue of Equality के संस्थापक के रूप में स्वामी जी को वैश्विक पहचान मिली है। हैदराबाद में स्थापित 216 फीट ऊंची यह भव्य प्रतिमा जगतगुरु रामानुजाचार्य को समर्पित है, जो विश्व की ऊंची बैठी हुई प्रतिमाओं में शामिल है। इस परियोजना का उद्घाटन वर्ष 2022 में देश-विदेश के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हुआ था।
पहले भी मंदिर में हो चुका है आगमन
गौरतलब है कि स्वामी जी इससे पहले भी वर्ष 2016 में मंदिर के प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान यहां आ चुके हैं। एक बार फिर उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रम को लेकर अंतिम तैयारियां, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उम्मीद
30 मार्च को होने वाले इस आध्यात्मिक कार्यक्रम को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन और मंदिर प्रबंधन भी व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है।