शंकराचार्य विवाद में IPS अजय पाल शर्मा का नाम चर्चा में, ‘मास्टरमाइंड’ आरोपों के बीच फिर सुर्खियों में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है। 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर शंकराचार्य ने गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें अपनी कथित गिरफ्तारी की साजिश का ‘मास्टरमाइंड’ बताया है। एक वायरल तस्वीर के सामने आने के बाद यह मामला और तूल पकड़ गया है, जिसमें अधिकारी कथित शिकायतकर्ता के साथ नजर आ रहे हैं।
डॉक्टर से IPS बनने तक का सफर
अजय पाल शर्मा का करियर काफी अलग और प्रेरणादायक रहा है। पंजाब के लुधियाना के रहने वाले शर्मा ने पहले चिकित्सा क्षेत्र में कदम रखा और पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेज से बीडीएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी की और 2011 में आईपीएस बने। उनका परिवार भी प्रशासनिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है, जहां उनके भाई अमित पाल शर्मा एक आईएएस अधिकारी हैं। यह शैक्षणिक और पारिवारिक मजबूती उनके व्यक्तित्व को और प्रभावशाली बनाती है।
यूपी पुलिस में ‘सख्त अफसर’ की पहचान
उत्तर प्रदेश पुलिस में अजय पाल शर्मा को एक तेजतर्रार और सख्त अधिकारी के रूप में जाना जाता है। कई बड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और एनकाउंटर ऑपरेशनों के कारण उन्हें ‘सिंघम’ और ‘रॉबिनहुड’ जैसे नामों से भी पहचाना गया। उनकी कार्यशैली हमेशा से आक्रामक और परिणाम-केन्द्रित रही है, जिसने उन्हें समर्थकों के बीच लोकप्रिय बनाया, वहीं आलोचकों के निशाने पर भी रखा। उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की रही है जो कठिन परिस्थितियों में भी निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटते।
विवादों से भी रहा गहरा नाता
उनका करियर सिर्फ उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विवाद भी इसका हिस्सा रहे हैं। साल 2020 में एक महिला ने उन पर शादी का झांसा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला काफी चर्चा में आया। लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज हुई और जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। इस प्रकरण के चलते उनका प्रमोशन भी कुछ समय के लिए अटक गया था। हालांकि बाद में जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल गई, लेकिन इस घटना ने उनकी छवि पर असर जरूर डाला।
वायरल तस्वीर से बढ़ा विवाद
हालिया विवाद की जड़ एक वायरल तस्वीर बनी है, जिसमें अजय पाल शर्मा कथित शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ केक काटते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को सार्वजनिक करते हुए शंकराचार्य ने दोनों के बीच संबंधों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति ने उनके खिलाफ आरोप लगाए, उसका पुलिस अधिकारी के साथ इस तरह का निजी संबंध होना पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है।
‘साजिश’ के आरोप और बढ़ती सियासत
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया है कि यह पूरा मामला पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा है। उनके अनुसार, मौनी अमावस्या के दौरान संगम स्नान के समय हुए विवाद के बाद बदले की भावना से यह घटनाक्रम रचा गया। उन्होंने दावा किया कि अजय पाल शर्मा ने पर्दे के पीछे रहकर इस पूरी ‘स्क्रिप्ट’ को तैयार किया। हालांकि प्रशासन या संबंधित अधिकारी की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।