पाली में खौफनाक वारदात: व्यापारी की संदिग्ध मौत, हाईवे पर बिखरे शव के टुकड़े, परिजनों का फूटा गुस्सा
पाली में एक व्यापारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने सनसनी फैला दी है। बाइक सवार किराना व प्रॉपर्टी कारोबारी का शव नेशनल हाईवे पर टुकड़ों में बिखरा मिला, जिस पर कई वाहन गुजर चुके थे। घटनास्थल की स्थिति और मृतक की अंतिम लोकेशन को देखते हुए परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। मामले को लेकर परिजनों और समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
हाईवे पर मिला क्षत-विक्षत शव, मंजर देख दहले लोग
मंगलवार सुबह पाली के सदर थाना क्षेत्र में रामासिया के पास उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नेशनल हाईवे-162 पर एक व्यक्ति का शव टुकड़ों में बिखरा मिला। राहगीरों ने जब सड़क पर शरीर के अलग-अलग हिस्से देखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। शुरुआती जांच में सामने आया कि शव के ऊपर से कई वाहन गुजर चुके थे, जिससे हालत बेहद भयावह हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बिखरे अंगों को सावधानी से एकत्रित किया और पोटली में बांधकर मॉर्च्यूरी भिजवाया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैला दी है।
मृतक की पहचान और संदिग्ध परिस्थितियां
पुलिस ने मृतक की पहचान मंडिया रोड स्थित बाबा रामदेव कॉलोनी निवासी 48 वर्षीय वजाराम के रूप में की है, जो किराना दुकान चलाने के साथ प्रॉपर्टी का काम भी करते थे। घटनास्थल के पास उनकी बाइक सुरक्षित हालत में खड़ी मिली, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। आमतौर पर सड़क हादसों में वाहन और व्यक्ति दोनों प्रभावित होते हैं, लेकिन यहां बाइक का सुरक्षित मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। यही कारण है कि परिजन इसे सामान्य दुर्घटना मानने को तैयार नहीं हैं और इसे सोची-समझी साजिश बता रहे हैं।
आखिरी बार रजिस्ट्रार ऑफिस में देखे गए
परिजनों के मुताबिक, वजाराम 23 मार्च की शाम करीब 5 बजे घर से निकले थे। उन्होंने बताया था कि वे एक परिचित के साथ प्लॉट की रजिस्ट्री के सिलसिले में जा रहे हैं और साथ ही दुकान के लिए सामान भी लाएंगे। शाम करीब 6 बजे उनकी आखिरी लोकेशन रजिस्ट्रार ऑफिस में मिली, जहां लोगों ने उन्हें देखा भी था। इसके बाद उनकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। ऐसे में यह सवाल अहम बन गया है कि वे रजिस्ट्रार ऑफिस से हाईवे तक कैसे पहुंचे और उनके साथ उस दौरान कौन था।
हत्या की आशंका, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
घटनास्थल की परिस्थितियों और शव की हालत को देखते हुए परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यदि यह हादसा होता, तो बाइक भी क्षतिग्रस्त मिलती, जबकि ऐसा नहीं है। साथ ही, शव जिस स्थान पर मिला, वह उनके घर जाने के रास्ते से अलग है। इन तथ्यों के आधार पर परिजन मान रहे हैं कि किसी रंजिश के चलते पहले हत्या की गई और बाद में शव को हाईवे पर फेंक दिया गया ताकि मामला हादसा लगे। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
शव लेने से इनकार, अस्पताल में प्रदर्शन
घटना के बाद बांगड़ जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। परिजनों ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जब तक मामले का खुलासा नहीं होगा और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस दौरान समाज के लोगों ने भी समर्थन में प्रदर्शन किया और मुआवजे की मांग उठाई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोश लगातार बना हुआ है।
सीसीटीवी और आखिरी संपर्क की तलाश में पुलिस
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वजाराम के साथ आखिरी बार कौन था और वे किन परिस्थितियों में हाईवे तक पहुंचे। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि उनकी गतिविधियों का सुराग मिल सके। इसके अलावा मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स के जरिए भी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा और सच्चाई सामने लाई जाएगी।