अरिजीत सिंह के प्लेबैक रिटायरमेंट पर इस्माइल दरबार का बयान — ‘वह मासूम नहीं, बेहद समझदार कलाकार हैं’
प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने के फैसले के बाद सिंगर अरिजीत सिंह लगातार चर्चा में हैं। अब मशहूर संगीतकार इस्माइल दरबार ने उनके फैसले पर खुलकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अरिजीत कोई भोले कलाकार नहीं, बल्कि बेहद समझदारी से फैसला लेने वाले सिंगर हैं।
🎤 रिटायरमेंट के फैसले पर क्या बोले इस्माइल दरबार?
हालिया बातचीत में इस्माइल दरबार ने अरिजीत सिंह के फैसले को “बहादुर” और “सोच-समझकर लिया गया कदम” बताया। उन्होंने कहा कि आज के म्यूजिक इंडस्ट्री माहौल में कलाकारों को अपने करियर और अधिकारों को लेकर जागरूक रहना जरूरी है।
दरबार के मुताबिक, अरिजीत सिंह ने अपने “बिजनेसमैन माइंड” का इस्तेमाल करते हुए म्यूजिक लेबल सिस्टम से खुद को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया।
🎶 ‘अरिजीत मासूम नहीं, बेहद बुद्धिमान हैं’
इस्माइल दरबार ने साफ कहा कि अरिजीत सिंह इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली को अच्छी तरह समझते हैं।
उनके अनुसार, अगर कोई कलाकार किसी बड़े म्यूजिक लेबल के लिए लगातार गाता है तो उसका व्यावसायिक लाभ अधिकतर लेबल को मिलता है। ऐसे में करियर के अगले चरण को खुद तय करना एक समझदारी भरा कदम है।
🤝 साथ काम न कर पाने का रहा अफसोस
दरबार ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें सबसे ज्यादा अफसोस इस बात का है कि उन्हें कभी अरिजीत सिंह के साथ काम करने का मौका नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि अगर दोनों साथ काम करते तो संगीत में कुछ अलग और नया देखने को मिल सकता था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि मौका मिले तो वह अरिजीत से “एक आखिरी गाना” जरूर गाने की इच्छा जताएंगे।
📢 जनवरी 2026 में किया था बड़ा ऐलान
27 जनवरी 2026 को अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घोषणा की थी कि अब वह प्लेबैक सिंगर के रूप में कोई नया असाइनमेंट स्वीकार नहीं करेंगे।
अपने संदेश में उन्होंने फैंस का धन्यवाद करते हुए इसे “शानदार सफर” बताया और नए दौर की शुरुआत का संकेत दिया।
📊 क्या बदल रहा है बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री का दौर?
अरिजीत सिंह का फैसला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं बल्कि इंडस्ट्री ट्रेंड का संकेत भी माना जा रहा है। आज कई कलाकार लाइव कॉन्सर्ट, इंडिपेंडेंट म्यूजिक और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर बढ़ रहे हैं, जहां रचनात्मक नियंत्रण ज्यादा रहता है।
इस्माइल दरबार की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि इंडस्ट्री के वरिष्ठ कलाकार भी इस बदलाव को समझ रहे हैं और कलाकारों की स्वतंत्रता को अहम मान रहे हैं।