राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रियों के पास न तो विभागीय विज़न है और न ही बुनियादी आंकड़ों की जानकारी।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत से पूछे गए सवालों पर सरकार के जवाब असंतोषजनक रहे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सदन में सवालों के सीधे जवाब देने के बजाय मंत्रियों ने गोलमोल बातें कर सदन को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकार की कार्यप्रणाली और तैयारी की पोल खुल गई है।
शिक्षा विभाग में रिक्त पदों पर सवाल
जूली ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल स्थिति में है। उन्होंने बताया कि सदन में उन्होंने नए पदों के सृजन, भरे गए पदों और रिक्त पदों की संख्या पर स्पष्ट जानकारी मांगी थी, लेकिन मंत्री के पास ठोस आंकड़े नहीं थे। जूली के मुताबिक, लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े विभाग में मंत्री का आंकड़ों से अनभिज्ञ होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
स्कूटी वितरण योजना में देरी पर सरकार घिरी
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की स्कूटी वितरण योजना को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि बजट आवंटन के बावजूद विशेष योग्यजनों और मेधावी छात्राओं को समय पर स्कूटी नहीं मिल पाई। देरी के चलते स्कूटी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिसका अतिरिक्त बोझ लाभार्थियों पर पड़ा। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार की सुस्ती और कुप्रबंधन के कारण पात्र लाभार्थी दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
श्वेत पत्र जारी करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति और स्कूटी वितरण योजना की प्रगति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता के सवालों का मंच है और मंत्रियों को जवाबदेही से बचने का अधिकार नहीं है। जूली ने चेताया कि यदि सरकार ने पारदर्शिता नहीं दिखाई तो विपक्ष इस मुद्दे को सदन और सड़क दोनों पर उठाएगा।