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नीदरलैंड में सत्ता परिवर्तन, युवा नेता ने संभाली कमान , दुनिया का पहला गे प्रधानमंत्री

नीदरलैंड में नई सरकार ने औपचारिक रूप से सत्ता संभाल ली है। सोमवार, 23 फरवरी 2026 को देश को नया प्रधानमंत्री मिल गया। इस बदलाव को यूरोपीय राजनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि हालिया चुनाव के बाद सत्ता संतुलन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

रॉब जेटेन बने प्रधानमंत्री, उम्र महज 38 साल

38 वर्षीय सेंट्रिस्ट नेता रॉब जेटेन ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही वह नीदरलैंड के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बने हैं जिन्होंने खुलकर अपनी लैंगिक पहचान सार्वजनिक की है। उनके नेतृत्व को देश में सामाजिक समावेशन और आधुनिक सोच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अक्टूबर 2025 के चुनाव में बेहद करीबी मुकाबले में मिली जीत

अक्टूबर 2025 में हुए आम चुनाव में जेटेन को बेहद कम अंतर से जीत मिली थी। यह मुकाबला कड़ा रहा और परिणाम आने तक राजनीतिक असमंजस की स्थिति बनी रही। अंततः सेंट्रिस्ट दल के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बहुमत हासिल कर सरकार गठन का रास्ता साफ किया।

गीर्ट वाइल्डर्स की पार्टी सत्ता से बाहर

चुनाव में उग्रवादी नेता गीर्ट वाइल्डर्स के नेतृत्व वाली कट्टर दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनावी परिणाम के साथ ही देश की राजनीति में दक्षिणपंथी प्रभाव कमजोर हुआ और नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

गठबंधन टूटने के बाद हुए थे मध्यावधि चुनाव

नीदरलैंड में यह चुनाव तब कराए गए थे, जब पिछली गठबंधन सरकार से फ्रीडम पार्टी ने समर्थन वापस ले लिया था। समर्थन वापसी के चलते सरकार गिर गई थी और मध्यावधि चुनाव कराना पड़ा। यह गठबंधन सरकार केवल 11 महीने ही चल पाई।

11 महीने चली सरकार को बताया गया अब तक की सबसे दक्षिणपंथी सरकार

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पिछली गठबंधन सरकार को नीदरलैंड के इतिहास की सबसे दक्षिणपंथी सरकारों में गिना गया। कठोर नीतियों और आंतरिक मतभेदों के कारण सरकार का कार्यकाल बेहद छोटा रहा और अंततः सत्ता परिवर्तन हुआ।

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