राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों को जान से मारने की धमकी, कोटा पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लिया
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
राजस्थान के कोटा जिले में रहने वाले एक युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर विपक्षी सांसदों और राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी दी। वीडियो सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और मामले को गंभीरता से लिया गया।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सार्वजनिक किया वीडियो
इस वीडियो को कांग्रेस के मीडिया चेयरपर्सन पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कोटा सिटी पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के बाद कोटा सिटी पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी युवक राज सिंह आमेरा को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई स्वतः संज्ञान लेते हुए की गई है।
आरोपी ने खुद को भाजपा और करणी सेना से जुड़ा बताया
वीडियो में आरोपी ने दावा किया कि वह भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता और श्री राजपूत करणी सेना का संभागीय प्रवक्ता है। उसने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के चेंबर में कथित हंगामे का हवाला देते हुए धमकी दी थी।
भाजपा और करणी सेना ने आरोपी से किया किनारा
मामले के सामने आने के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने बयान जारी कर कहा कि आरोपी का पार्टी से कोई संबंध नहीं है और वह भाजपा का सदस्य भी नहीं है। वहीं करणी सेना ने भी युवक से किसी प्रकार का संगठनात्मक जुड़ाव होने से इनकार किया है।
एसपी का बयान: जांच के बाद स्पष्ट होंगे संगठनात्मक संबंध
कोटा सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि फिलहाल किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी को डिटेन किया गया है। युवक का किसी संगठन से संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार आरोपी राज सिंह आमेरा के खिलाफ पूर्व में चार आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वायरल वीडियो में दी गई धमकी को गंभीर मानते हुए नए आपराधिक कानून प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस घटना को सुनियोजित साजिश करार दिया है और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया है। उन्होंने मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं अन्य राजनीतिक दलों की ओर से भी इस तरह की धमकियों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत जताई जा रही है।