महाशिवरात्रि पर ताजमहल खोलने की मांग: योगी यूथ ब्रिगेड ने उठाया विवाद, इतिहास और याचिकाओं की पड़ताल…
आगरा में धार्मिक और ऐतिहासिक बहस गरमाई, महाशिवरात्रि पर ताजमहल-तेजोमहल खुलने की मांग
आगरा के ताजमहल को लेकर विवाद फिर से सुर्खियों में आ गया है। योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अजय तोमर ने केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और धर्म मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर ताजमहल श्रद्धालुओं के लिए खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि यह हिंदुओं की आस्था से जुड़ा मुद्दा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
महाशिवरात्रि पर निशुल्क प्रवेश की मांग: क्या तर्क दिया गया
अजय तोमर ने कहा कि महाशिवरात्रि हिंदुओं का पवित्र पर्व है और करोड़ों श्रद्धालु इस दिन पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। उन्होंने पत्र में अनुरोध किया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को निर्देश दिया जाए कि 15 फरवरी को ताजमहल में मुफ्त प्रवेश की सुविधा दी जाए। तोमर का तर्क है कि जब शाहजहां के उर्स के दौरान तीन दिन तक ताजमहल में निशुल्क प्रवेश होता है, तो महाशिवरात्रि पर भी यही अनुमति मिलनी चाहिए।
ताजमहल या तेजोमहल: पुरानी याचिकाएं और विवाद का इतिहास
ताजमहल को लेकर विवाद नया नहीं है। वर्ष 2015 में सात व्यक्तियों के समूह ने आगरा सिविल अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें ताजमहल को ‘तेजो महालय’ नामक शिव मंदिर बताया गया। याचिकाकर्ताओं ने परिसर में पूजा-अर्चना और बंद कमरों को खोलने की मांग की थी। याचिका में 109 पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला दिया गया, जैसे मुख्य भवन की चौकोर बनावट और आठ दिशाओं की ओर मुख। इस मामले की सुनवाई निचली अदालत में लंबित है।
ऐतिहासिक प्रमाण और विवाद: शाहजहां के मकबरे से जुड़े तर्क
याचिका में यह भी दावा किया गया कि ताजमहल के मकबरे का निर्माण 22 साल में हुआ, जो तर्कसंगत नहीं माना गया। वहीं, 1989 में इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक की किताब Taj Mahal: The True Story ने भी ताजमहल के शिव मंदिर होने का दावा किया था। एएसआई ने 2017 में जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार ताजमहल शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था और यह एक मकबरा है।
वर्तमान परिदृश्य और विवाद का तूल
यह नई याचिका ऐसे समय में आई है, जब हिंदू संगठनों ने काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर और कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर जैसे मामलों में मंदिरों के पुनः उद्घाटन की मांग की है। ताजमहल विवाद भी इसी तरह की धार्मिक और ऐतिहासिक बहस का हिस्सा बन चुका है। फिलहाल सरकार की ओर से महाशिवरात्रि पर खुलने या पूजा की अनुमति देने को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आस्था, इतिहास और राजनीति का मिश्रण
इस विवाद में तीन प्रमुख तर्क एक साथ जुड़े हैं—धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक प्रमाण और राजनीतिक निर्णय। योगी यूथ ब्रिगेड के तर्क के अनुसार हिंदुओं के साथ दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है, जबकि एएसआई और इतिहासकार इसे ऐतिहासिक और संरचनात्मक दृष्टि से मकबरा मानते हैं। आने वाले समय में अदालत और प्रशासन के निर्णय पर ही यह विवाद शांत या और गरम हो सकता है।