अलवर में बजट के खिलाफ कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, प्रतियां जलाकर जताया आक्रोश; 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान
महासंघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का यह बजट कर्मचारियों, संविदा कार्मिकों, मानदेय कर्मियों और पेंशनरों के लिए बेहद निराशाजनक है। उनका कहना था कि बजट भाषण के दौरान कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर महज तीन मिनट चर्चा की गई और न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष के किसी सदस्य ने मेज थपथपाकर समर्थन दिया, जो सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
नेताओं ने कहा कि पिछले बजट में पदोन्नति विसंगतियों को दूर करने के लिए कैडर पुनर्गठन की घोषणा की गई थी, लेकिन इस बार न तो पदोन्नति और वेतन विसंगतियों पर कोई ठोस निर्णय लिया गया और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर स्पष्ट घोषणा की गई। केवल समिति गठन की बात कहकर कर्मचारियों को भ्रमित किया जा रहा है। वर्ष 2027 में प्रस्तावित आठवें वेतन आयोग से पहले समिति गठन को उन्होंने “छलावा” करार दिया।
महासंघ के अनुसार, कैडर संबंधी विसंगतियों को सुलझाने के लिए पहले ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जा चुकी है, ऐसे में नई समिति बनाने की घोषणा महज समय टालने की रणनीति है। प्रदेश में करीब 8.50 लाख नियमित कर्मचारी, 5 लाख संविदा कर्मी और 2.5 लाख से अधिक मानदेय कर्मी कार्यरत हैं, लेकिन बजट में इनके लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
महासंघ ने याद दिलाया कि 12 जनवरी 2026 को जयपुर में 50 हजार से अधिक कर्मचारियों ने चेतावनी महारैली निकालकर सरकार को अपनी मांगों से अवगत कराया था। अब बजट के बाद सरकार के रुख से नाराज महासंघ ने आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी 2026 को प्रदेश के लाखों कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे और आंदोलन को पूरी ताकत से सफल बनाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा, प्रदेश पदाधिकारी महावीर सिहाग सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।