MSME, इंफ्रा और स्किलिंग से बदलेगी देश की तस्वीर: वित्त मंत्री का रोडमैप
बजट 2026 में विकास का स्पष्ट खाका
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट 2026 पर चर्चा का जवाब देते हुए सरकार का विकास एजेंडा स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बजट का केंद्र बिंदु छोटे उद्योग, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। सरकार का लक्ष्य भारत को विकसित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ाना है।
MSME: रोजगार और विकास का इंजन
वित्त मंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। बजट में इस क्षेत्र को आसान ऋण, नीति समर्थन और विस्तार के अवसर देने पर जोर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि यदि छोटे और मझोले उद्योगों को पूंजी और बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी तो रोजगार सृजन में तेजी आएगी और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स पर बड़ा निवेश
सड़क, रेल, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को बजट 2026 का अहम स्तंभ बताया गया। सरकार का उद्देश्य ट्रांसपोर्ट सिस्टम को अधिक तेज, किफायती और कुशल बनाना है।
लॉजिस्टिक्स लागत घटने से भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे, जिससे निर्यात और घरेलू उत्पादन दोनों को लाभ मिलेगा।
युवाओं के लिए स्किलिंग पर विशेष ध्यान
वित्त मंत्री ने कहा कि केवल डिग्री नहीं, बल्कि रोजगार से जुड़ी कौशल प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे ताकि युवा सीधे नौकरी या उद्यमिता के लिए तैयार हो सकें।
सरकार का लक्ष्य युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना है।
मेडिकल टूरिज्म: वैश्विक हब बनने की तैयारी
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर सरकार ने भारत को ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की योजना पर जोर दिया। आयुष और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय से उपचार सुविधाओं को सशक्त बनाने की बात कही गई।
इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि विदेशी मरीजों के आगमन से अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
खपत और आत्मनिर्भरता पर फोकस
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य घरेलू मांग (डिमांड) को बढ़ाना है ताकि उत्पादन और निवेश को गति मिले। वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच आत्मनिर्भरता को मजबूत करना भी प्राथमिकता में है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि MSME, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किलिंग के उपाय प्रभावी ढंग से लागू होते हैं तो यह बजट रोजगार, उत्पादन और खपत—तीनों मोर्चों पर सकारात्मक असर डाल सकता है।
संतुलित विकास की रणनीति
बजट 2026 का फोकस स्पष्ट रूप से ‘रोजगार आधारित विकास’ पर है। छोटे उद्योगों को बढ़ावा, इंफ्रा में निवेश और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण—ये तीनों तत्व मिलकर दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता की नींव रख सकते हैं।
हालांकि, असली चुनौती इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करने की होगी।