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तिहाड़ जाने से पहले टूट गए राजपाल यादव, बोले– पैसे नहीं हैं, कोई रास्ता नज़र नहीं आता


बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। सरेंडर से ठीक पहले उनका भावुक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने अपनी बेबसी और अकेलेपन को शब्दों में बयां किया। चेक बाउंस के एक पुराने मामले में कानूनी लड़ाई हारने के बाद अब उन्हें छह महीने की सजा काटनी होगी।


सरेंडर से पहले छलका दर्द, अधिकारियों से बोले राजपाल

तिहाड़ जेल पहुंचने से पहले राजपाल यादव बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनके पास अब पैसे नहीं बचे हैं और उन्हें कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में इंसान पूरी तरह अकेला महसूस करता है और इस लड़ाई से उसे खुद ही गुजरना पड़ता है।

यह बयान एक कलाकार की मानसिक और आर्थिक टूटन को उजागर करता है।


2010 से जुड़ा है पूरा मामला

यह केस साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई।

फिल्म की नाकामी ही इस पूरे कानूनी विवाद की जड़ बन गई।


चेक बाउंस हुए, कंपनी ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

कर्ज चुकाने में असमर्थ रहने के कारण राजपाल यादव द्वारा दिए गए कई चेक बाउंस हो गए। इसके बाद संबंधित कंपनी ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। मामला लंबा चलता रहा और अदालत में कई सुनवाइयां हुईं।

यह मामला फिल्म इंडस्ट्री में वित्तीय जोखिमों की गंभीरता को दिखाता है।


2018 में कोर्ट ने सुनाई थी सजा

साल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया और छह महीने की सजा सुनाई। इसके बाद राजपाल यादव ने फैसले के खिलाफ अपील की और समय-समय पर राहत की मांग करते रहे।

कानूनी प्रक्रिया ने उन्हें कई सालों तक अस्थायी राहत जरूर दी, लेकिन समाधान नहीं।


कुछ रकम चुकाई, लेकिन पूरा भुगतान नहीं हो सका

राजपाल यादव ने बीच-बीच में कुछ भुगतान भी किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 2025 में करीब 75 लाख रुपये जमा किए, लेकिन ब्याज और अन्य देनदारियों के साथ कुल बकाया रकम बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

आंशिक भुगतान के बावजूद अदालत ने इसे गंभीरता की कमी माना।


हाई कोर्ट ने नहीं दी और मोहलत

दिल्ली हाई कोर्ट ने 2 फरवरी 2026 को राजपाल यादव को सरेंडर करने का आदेश दिया। एक्टर ने एक हफ्ते की अतिरिक्त मोहलत मांगी, लेकिन 4 फरवरी को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि बार-बार वादे तोड़ने पर अब नरमी नहीं बरती जा सकती।

अदालत ने यह संदेश दिया कि लोकप्रियता कानून से ऊपर नहीं है।


5 फरवरी को तिहाड़ जेल में किया सरेंडर

5 फरवरी 2026 को शाम करीब 4 बजे राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल के सुपरिंटेंडेंट के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अब उन्हें छह महीने की सजा काटनी होगी।

यह पल उनके करियर और निजी जीवन का सबसे कठिन दौर माना जा रहा है।


सोशल मीडिया पर भावुक हुए फैन्स, इंडस्ट्री पर सवाल

राजपाल यादव के जेल जाने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। फैन्स भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और कई लोग फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों की आर्थिक सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं।

यह मामला सहानुभूति और बहस—दोनों का केंद्र बन गया है।


राजपाल यादव का मामला बना इंडस्ट्री के लिए चेतावनी

राजपाल यादव की कहानी सिर्फ एक कानूनी केस नहीं, बल्कि यह दिखाती है कि सफलता के पीछे छिपे जोखिम कितने बड़े हो सकते हैं। यह घटना फिल्म जगत के लिए एक गंभीर सबक भी है।

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