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कैदी वार्ड से अपराध नेटवर्क चलाने का आरोप, पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर संजय जायसवाल का हमला…

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। जहां एक पक्ष इस कार्रवाई को कानून की प्रक्रिया बता रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया जा रहा है। इसी बीच भाजपा सांसद संजय जायसवाल के बयान ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है।

1990 के दशक को लेकर संजय जायसवाल का बड़ा दावा

पश्चिम चंपारण से भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि पप्पू यादव का आपराधिक इतिहास नया नहीं है। उनके अनुसार, 1990 के दशक में पप्पू यादव कैदी वार्ड में रहते हुए वहीं से पूरे बिहार में अपराध सिंडिकेट का संचालन करते थे। वारदात को अंजाम देकर दोबारा कैदी वार्ड लौट जाना उनकी कार्यप्रणाली थी।

‘कर्मों का हिसाब यहीं देना पड़ता है’ – जायसवाल

संजय जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि जीवन घूमकर वहीं ले आता है, जहां से शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि हत्या, स्मगलिंग और अन्य अपराधों का हिसाब आखिरकार इसी व्यवस्था में चुकाना पड़ता है और कोई भी इससे बच नहीं सकता।

तीन दशक पुराने मामले में हुई गिरफ्तारी

पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात पप्पू यादव को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई किसी नए प्रकरण में नहीं बल्कि करीब 31 साल पुराने केस में जारी वारंट के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम उनके पटना स्थित मंदिरी आवास पर पहुंची थी, जिससे इलाके में हलचल मच गई।

हिरासत के दौरान उठा विवाद

गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीम उचित कागजात के बिना पहुंची है। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

कैदी वार्ड में रखा गया, जमानत पर होगी सुनवाई

शनिवार को अदालत में पेशी के बाद पप्पू यादव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कैदी वार्ड में रखा गया है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में होने की संभावना है, जहां जमानत याचिका पर बहस की जा सकती है।

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