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अलवर में पहली बार सफल रही डबल फेस यूरेथ्रोप्लास्टी, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज ने रचा चिकित्सा इतिहास…

अलवर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चिकित्सा क्षेत्र की एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। यहां पहली बार अत्यंत जटिल डबल फेस यूरेथ्रोप्लास्टी सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। यह ऑपरेशन 42 वर्षीय मरीज गुलशन कुमार पर किया गया, जो लंबे समय से यूरेथ्रल स्ट्रिक्चर (पेशाब की नली में गंभीर संकुचन) की समस्या से जूझ रहे थे।

मरीज को पेशाब करने में अत्यधिक जोर लगाना पड़ता था और फिर भी काफी समय लगता था। कई स्थानों पर इलाज कराने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही थी। गंभीर स्थिति को देखते हुए मरीज को ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती किया गया।

जांच में सामने आई जटिल स्थिति
जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मरीज की पेशाब की नली में कैल्सीफिकेशन हो चुका था, जिसके कारण नली अत्यधिक संकुचित हो गई थी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि नली की अंदरूनी परत को हटाना आवश्यक हो गया।

इसके बाद विशेषज्ञों ने क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर लिंग की अंदरूनी नम त्वचा का उपयोग करते हुए दोनों सतहों से नई पेशाब की नली का निर्माण किया। इस उन्नत तकनीक को डबल फेस यूरेथ्रोप्लास्टी कहा जाता है, जो सामान्यतः बड़े और अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थानों में ही संभव मानी जाती है।

यह जटिल सर्जरी गुर्दा एवं मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश सोनवाल के नेतृत्व में सफलतापूर्वक की गई। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में यह इस प्रकार की पहली सर्जरी है।

ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ
सर्जरी के 21 दिन बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और अब उसे सामान्य रूप से पेशाब हो रहा है। मरीज को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।

अलवर के लिए बड़ी उपलब्धि
डॉ. महेश सोनवाल के अलवर में कार्यभार संभालने के बाद अब वे जटिल यूरोलॉजी ऑपरेशन, जिनके लिए पहले मरीजों को दिल्ली या अन्य बड़े महानगरों में जाना पड़ता था, अब अलवर में ही संभव हो पा रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज बल्कि पूरे अलवर जिले के लिए गर्व का विषय है।

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Stv News Rajasthan

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