अजमेर में मनरेगा बचाओ आंदोलन के दौरान कांग्रेस विधायक विकास चौधरी का बड़ा बयान। बोले— योजना का फुल फॉर्म बता दें तो राजनीति छोड़ दूंगा।
मनरेगा बचाओ आंदोलन में गरमाई राजनीति
अजमेर में मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान सियासी माहौल गरमा गया। किशनगढ़ से कांग्रेस विधायक विकास चौधरी ने केंद्र सरकार और अजमेर सांसद पर तीखा हमला बोला।
केंद्रीय मंत्री को खुली चुनौती
धरने को संबोधित करते हुए विकास चौधरी ने कहा कि अजमेर सांसद और केंद्रीय मंत्री अगर मनरेगा के नए नाम VB G RAM G का पूरा नाम बता दें, तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को यह तक नहीं पता कि यह योजना आखिर है क्या।
नाम नहीं, मजदूर के रोजगार की चिंता
कांग्रेस विधायक ने साफ किया कि कांग्रेस को योजना के नाम से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि न राहुल गांधी को और न ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नाम बदलने से समस्या है, लेकिन मजदूरों के रोजगार और उनके चूल्हे पर असर पड़ना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किसानों की समस्याओं को लेकर भी हमला
विकास चौधरी ने कहा कि अजमेर से सांसद और केंद्र में राज्य मंत्री होने के बावजूद क्षेत्र के किसान लगातार धरने पर बैठे हैं। भारतमाला प्रोजेक्ट, खाद-बीज की किल्लत और मुआवजे जैसे मुद्दों पर किसानों को समाधान नहीं मिल रहा है।
‘योजनाओं की समझ नहीं तो जनता को क्या समझाएंगे’
कांग्रेस विधायक ने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों को जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम और उद्देश्य की जानकारी नहीं होती, तो वे आम जनता को क्या मार्गदर्शन देंगे। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन का आरोप
विकास चौधरी ने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी योजना को कमजोर कर गरीब और मजदूर वर्ग को रोजगार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम जनता किसी भी कीमत पर मनरेगा को खत्म नहीं होने देगी।
धरने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में मनरेगा योजना के जिला प्रभारी वैभव गहलोत सहित शहर और ग्रामीण कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मनरेगा बनाम सियासत
मनरेगा को लेकर यह बयानबाज़ी साफ संकेत देती है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और तीखा हो सकता है। एक तरफ रोजगार का सवाल है, तो दूसरी ओर केंद्र और विपक्ष के बीच भरोसे की जंग।