हिज्बुल्लाह के ‘मिस्टर साइंटिस्ट’ पर इजरायल का ड्रोन अटैक, लेबनान में ढेर हुआ अली दाऊद अमिच
इजरायली सेना (IDF) ने लेबनान में एक सटीक ड्रोन हमले में हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ इंजीनियर और रणनीतिक विशेषज्ञ अली दाऊद अमिच को मार गिराने का दावा किया है। इजरायल के अनुसार, अमिच दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के सैन्य ढांचे को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।
🎯 ड्रोन हमले में ‘मिस्टर साइंटिस्ट’ ढेर
IDF के मुताबिक, रविवार 1 फरवरी को दक्षिणी लेबनान के अल‑द्विर इलाके में यह ड्रोन हमला किया गया।
अली दाऊद अमिच को हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विभाग में एक अहम शाखा का प्रमुख माना जाता था और संगठन में उसे ‘मिस्टर साइंटिस्ट’ के नाम से जाना जाता था।
🧠 हिज्बुल्लाह की सैन्य री‑बिल्डिंग का मास्टरमाइंड
इजरायल का दावा है कि अमिच:
- हिज्बुल्लाह के आतंकी बुनियादी ढांचे को दोबारा स्थापित कर रहा था
- IDF सैनिकों के खिलाफ नए हमलों की साजिश रच रहा था
- दक्षिणी लेबनान में तकनीकी और सैन्य नेटवर्क को मजबूत कर रहा था
इसी वजह से उसे “हाई वैल्यू टारगेट” माना जा रहा था।
📢 IDF का आधिकारिक बयान
इजरायली सुरक्षा बलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
“एलिमिनेट किया गया—अली दाऊद अमिच, हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विभाग में ब्रांच हेड। वह अल‑द्विर क्षेत्र में आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा करने और IDF पर हमले बढ़ाने में शामिल था।”
IDF ने इसे इजरायल‑लेबनान अंडरस्टैंडिंग का खुला उल्लंघन बताया।
🕊️ सीजफायर के बाद भी हिज्बुल्लाह पर हमला क्यों?
2025 में अमेरिका की मध्यस्थता से इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर समझौता हुआ था।
इस समझौते के तहत:
- हिज्बुल्लाह को निरस्त्र किया जाना था
- लेबनानी सेना को नॉन‑स्टेट ग्रुप्स से हथियार वापस लेने की जिम्मेदारी दी गई थी
लेकिन इजरायल का आरोप है कि हिज्बुल्लाह अब भी गुप्त रूप से सैन्य गतिविधियां चला रहा है।
⚠️ लेबनानी सेना पर बढ़ता दबाव
लेबनानी सेना ने सभी गैर‑सरकारी सशस्त्र समूहों को निरस्त्र करने के लिए कई चरणों वाली योजना बनाई थी।
इस योजना का पहला चरण 2025 के अंत तक पूरा होना था, लेकिन इजरायल का कहना है कि ज़मीनी हकीकत अब भी अलग है।
📊 क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा
अली दाऊद अमिच की मौत को इजरायल के लिए तकनीकी और रणनीतिक जीत माना जा रहा है।
हालांकि, इससे:
- इजरायल‑हिज्बुल्लाह तनाव और बढ़ सकता है
- लेबनान में सुरक्षा हालात बिगड़ सकते हैं
- सीमा पर सैन्य टकराव की आशंका तेज हो सकती है