पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना का निधन, राजस्थान की राजनीति में शोक की लहर
अलवर। राजस्थान सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री हेमसिंह भड़ाना का आज प्रातः अलवर स्थित अपने आवास पर निधन हो गया। वे लगभग 60 वर्ष के थे और बीते छह माह से गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रहे थे। उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जगत में गहरा शोक व्याप्त है।
सरल जीवन, सशक्त राजनीति का सफर
ग्राम भगेरी कलां, तहसील किशनगढ़, जिला खैरथल-तिजारा के मूल निवासी श्री भड़ाना ने जमीनी राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की और निरंतर संघर्ष के बल पर राज्य सरकार तक का सफर तय किया। वे दो बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे और विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में मंत्री पद का दायित्व संभाला।
शैक्षणिक व पारिवारिक परिचय
7 फरवरी 1966 को जन्मे श्री हेमसिंह भड़ाना, श्री श्योनारायण एवं श्रीमती हरदेवी के पुत्र थे।
उन्होंने एम.ए. (स्नातकोत्तर) राजकीय महाविद्यालय, अलवर से तथा एलएल.बी. राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से प्राप्त की।
उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कृष्णा देवी हैं। परिवार में दो पुत्र – धीरेन्द्र भड़ाना व सुरेन्द्र भड़ाना तथा दो पुत्रियां हैं। उनके चार भाइयों में से तीन का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि एक भाई महेंद्र भड़ाना राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं।
राजनीतिक व प्रशासनिक दायित्व
2008–2013: सदस्य, तेरहवीं राजस्थान विधानसभा
2013–2018: सदस्य, चौदहवीं राजस्थान विधानसभा
2014–2016: राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार),
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग एवं उपभोक्ता मामले विभाग
2016–2018: मंत्री,
मुद्रण एवं लेखन विभाग, स्टेट मोटर गैराज एवं सामान्य प्रशासन विभाग, राजस्थान सरकार
इसके अतिरिक्त वे राजस्थान विधानसभा की पुस्तकालय समिति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के भी सदस्य रहे।
संगठनात्मक व स्थानीय भूमिका
सदस्य, प्रदेश कार्यसमिति – भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान
1991–1992: अध्यक्ष, राजकीय कला एवं विधि महाविद्यालय छात्रसंघ, अलवर
2005–2008: प्रधान, पंचायत समिति किशनगढ़बास, जिला अलवर
जनता के बीच लोकप्रिय नेता
सरल स्वभाव, स्पष्ट विचार और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता श्री भड़ाना की पहचान रही। उन्होंने ग्रामीण विकास, उपभोक्ता हित और प्रशासनिक सुधारों के लिए उल्लेखनीय कार्य किए।
अंतिम विदाई
वर्तमान में उनका निवास वीर सावरकर नगर, अलवर तथा पैतृक गांव भगेरी कलां था। उनके निधन से क्षेत्र ने एक अनुभवी जननेता खो दिया है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।