पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हिंसा की बड़ी वारदात, अलगाववादी हमलों में 33 की मौत, 92 आतंकवादी ढेर
क्वेटा–ग्वादर समेत कई जिलों में समन्वित हमले
पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में शनिवार को अलग-अलग इलाकों में हुए हिंसक हमलों में कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तानी सेना के अनुसार मृतकों में 15 सुरक्षाकर्मी और 18 आम नागरिक शामिल हैं। यह हमले प्रांतीय राजधानी क्वेटा और रणनीतिक बंदरगाह शहर ग्वादर सहित कई जिलों में किए गए।
सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई, 92 आतंकवादी मारे गए
सेना के मीडिया विंग (ISPR) ने बताया कि सुरक्षा बलों ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 92 आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गए आतंकवादियों में तीन आत्मघाती हमलावर भी शामिल थे। सैन्य अधिकारियों के अनुसार हमले समन्वित जरूर थे, लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता के चलते इन्हें पूरी तरह सफल नहीं होने दिया गया।
आम नागरिक भी बने निशाना
सेना के बयान में कहा गया कि हमलों में 18 निर्दोष नागरिकों की जान गई। हालांकि नागरिकों की मौतों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। इससे पहले भी बलूच अलगाववादी संगठनों पर उन नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं, जिन पर राज्य एजेंसियों के साथ सहयोग का संदेह होता है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सुरक्षा बलों की सराहना की
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमलों को नाकाम करने के लिए सुरक्षा बलों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के पूरी तरह खात्मे तक उसके खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। वहीं, कुछ जिलों के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
सुरक्षा कारणों से सेवाएं बाधित
हिंसा के बाद प्रभावित जिलों में मोबाइल फोन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं और यातायात प्रभावित हुआ। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए पूरे बलूचिस्तान प्रांत में ट्रेन सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं।
BLA ने ली हमलों की जिम्मेदारी
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। यह संगठन लंबे समय से बलूचिस्तान में सक्रिय सबसे प्रमुख अलगाववादी समूहों में से एक माना जाता है। बलूचिस्तान में दशकों से चल रहे अलगाववादी विद्रोह के चलते सुरक्षा बलों, विदेशी नागरिकों और गैर-स्थानीय लोगों पर हमले होते रहे हैं।