अलवर में मेघवाल समाज की 435 प्रतिभाओं का सम्मान, उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा और वन राज्यमंत्री संजय शर्मा रहे मुख्य अतिथि
अलवर, 1 फरवरी
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने सम्मानित प्रतिभाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केंद्र व राज्य सरकार समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ जागरूकता के साथ उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज के प्रतिभावान बच्चों के आत्मसम्मान, परिश्रम और संघर्षशीलता का उत्सव है।
उन्होंने कहा कि प्रतिभावान विद्यार्थी समाज और देश के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं। भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के तीन मंत्र— शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो—को आत्मसात कर मेहनत, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ देश को विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान देना चाहिए। उन्होंने राजस्थान मेघवाल समाज संस्थान, जिला अलवर द्वारा समाज में जागरूकता लाने और आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि समानता, समरसता और एकता के भाव से ही विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने बाबा साहेब के विचारों का उल्लेख किया और कहा कि शिक्षा व्यक्ति को सशक्त बनाती है। उन्होंने मेघवाल समाज के पुरोधाओं द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को आगे लाने के प्रयासों की प्रशंसा की।
प्रतिभावान बच्चों को निःशुल्क टाइगर रिजर्व भ्रमण की घोषणा
वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने प्रतिभावान बालक-बालिकाओं को सरिस्का एवं रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में निःशुल्क भ्रमण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाएं देश की धरोहर होती हैं और उन्हें प्रकृति, पर्यावरण तथा वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना आवश्यक है। इस भ्रमण के माध्यम से बच्चों को जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस अवसर पर कठूमर विधायक रमेश खिंची, राष्ट्रीय सर्वमेघवंश महासभा इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल डेनवाल, नेचर वेलफेयर काउंसिलिंग के चेयरमेन राहुल द्विवेदी, राजस्थान मेघवाल समाज संस्थान के प्रदेशाध्यक्ष निहाल सिंह, जिला अध्यक्ष डॉ. बी.आर. शास्त्री सहित देशराज वर्मा, सुमेर सिंह, भरत सिंह अहरोदिया, मनोहर गोरा, छेल बिहारी, महेश गोठवाल, अशोक वर्मा, थावरमल एवं समाज के अनेक प्रबुद्धजन व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।