अपना घर शालीमार में आवारा कुत्तों का खौफ, वाशिंदों ने प्रशासन से लगाई गुहार…
कॉलोनी में डर का माहौल, घर से निकलना हुआ मुश्किल
अलवर शहर के अपना घर शालीमार क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने सुरक्षा के डर से पार्कों में जाना और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलना तक बंद कर दिया है। कॉलोनी में दहशत का माहौल व्याप्त है।
25 से 30 आवारा कुत्ते, कई बताए जा रहे खूंखार
स्थानीय निवासियों के अनुसार कॉलोनी और आसपास के इलाकों में करीब 25 से 30 आवारा कुत्ते खुलेआम घूम रहे हैं। इनमें से चार से पांच कुत्ते बेहद आक्रामक बताए जा रहे हैं, जो आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं। अब तक कई लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं।
नगर निगम की कार्रवाई नाकाफी
वाशिंदों ने बताया कि इस समस्या को लेकर नगर निगम को कई बार शिकायत दी गई। निगम की टीम एक बार कुत्तों को पकड़ने पहुंची थी, लेकिन उस दौरान केवल दो कुत्ते ही पकड़े जा सके। इसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई।
डॉग लवर्स के विरोध से रुकी कार्रवाई
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुत्ते पकड़ने की कार्रवाई के दौरान कुछ डॉग लवर्स ने विरोध किया और नगर निगम की टीम को काम करने से रोका। वाशिंदों का कहना है कि डॉग लवर्स न केवल उन्हें मुकदमे की धमकी देते हैं, बल्कि निगम कर्मचारियों से भी विवाद करते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।
पुलिस सुरक्षा के आश्वासन के बावजूद समाधान नहीं
कॉलोनीवासियों ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने पहले आश्वासन दिया था कि नगर निगम की टीम जब भी कार्रवाई करेगी, पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का कहना है कि कई बार ज्ञापन और शिकायतें देने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
कलेक्टर और निगम कमिश्नर से की सीधी अपील
समस्या से त्रस्त होकर आज अपना घर शालीमार के वाशिंदों ने जिला कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर से मुलाकात की। उन्होंने मांग की कि पूरी तरह विधि सम्मत तरीके से आवारा कुत्तों को हटाने की कार्रवाई की जाए, ताकि कॉलोनी को सुरक्षित बनाया जा सके।
कलेक्टर और निगम कमिश्नर से की सीधी अपील
कॉलोनीवासियों का कहना है कि वे किसी के अधिकारों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रशासन से आग्रह किया गया है कि जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि लोग बिना भय के अपने घरों से बाहर निकल सकें और सामान्य जीवन जी सकें।