अलवर में नकली टाइम बम से दहशत फैलाने का मामला: इंश्योरेंस क्लेम विवाद में आरोपी गिरफ्तार
अरावली विहार थानाधिकारी रामेश्वर दयाल ने बताया कि 12 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे एक अज्ञात युवक विवेकानंद नगर स्थित इंश्योरेंस बैंक एजेंट बाबू सिंह नरूका के घर में घुस गया। इस दौरान आरोपी और बाबू सिंह के बीच हाथापाई हो गई। हाथापाई के बाद आरोपी मौके से भागने लगा, तभी उसके कपड़ों से एक बम नुमा वस्तु नीचे गिर गई।
आरोपी पुलिस से बचने के लिए शहर के अलग-अलग स्थानों पर भटकता रहा और अंत में अपने कमरे पर जाकर रुका। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि बम नुमा वस्तु में एक टाइमिंग घड़ी लगी हुई थी और गीले आटे से उसे टाइम बम का रूप दिया गया था। एहतियात के तौर पर पुलिस ने वस्तु को शहर से बाहर जयसमंद बांध ले जाकर बम स्क्वायड टीम की मदद से डिफ्यूज करवाया। जांच में यह नकली बम निकला।
इसके बाद पुलिस ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। कांस्टेबल विजय यादव की सूझबूझ से आरोपी की पहचान हुई और उसे शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के कोली मोहल्ले से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी अंकुश ने बताया कि वह पहले करीब सात साल तक आर्मी में नौकरी कर चुका है, लेकिन मेडिकल कारणों से नौकरी छोड़कर घर लौट आया था। सितंबर 2025 में उसकी बाइक में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी, जिससे बाइक पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। बाइक का इंश्योरेंस जिस बैंक से कराया गया था, उसके एजेंट बाबू सिंह नरूका थे। क्लेम में देरी को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने बाबू सिंह को डराने के उद्देश्य से नकली टाइम बम बनाकर उसके घर में घुसने की योजना बनाई। उसका इरादा धमकाकर क्लेम पास करवाने का था, लेकिन हाथापाई के बाद वह खुद घबरा गया और भागते समय बम नुमा वस्तु नीचे गिर गई।
अरावली विहार थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।