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महेंद्रजीत मालवीया समेत छह नेताओं की ‘घर वापसी’ पर कांग्रेस में मंथन, अनुशासन समिति ने सौंपा फीडबैक


राजस्थान की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस से भाजपा में गए पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया समेत छह नेताओं की कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर पार्टी की अनुशासन समिति ने अहम बैठक कर फीडबैक तैयार किया है। संकेत हैं कि अंतिम फैसला जल्द आलाकमान स्तर पर लिया जाएगा।


1. वार रूम में हुई अहम बैठक

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वार रूम में हुई अनुशासन समिति की बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन उदयलाल आंजना ने की। बैठक में मालवीया सहित उन नेताओं की वापसी पर विस्तार से चर्चा हुई, जो पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे।

यह बैठक बताती है कि कांग्रेस अब रणनीतिक रूप से पुराने नेताओं की वापसी को संगठनात्मक मजबूती के नजरिये से देख रही है।


2. क्यों छोड़ी थी पार्टी, अब क्यों लौटना चाहते हैं?

बैठक में इन नेताओं के पार्टी छोड़ने के कारणों, उन पर लगे आरोपों और संभावित वापसी से संगठन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गहन मंथन किया गया। जिला स्तर के नेताओं और जिलाध्यक्षों से भी फीडबैक लिया गया, ताकि जमीनी प्रतिक्रिया को रिपोर्ट में शामिल किया जा सके।

पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वापसी से अंदरूनी असंतोष न बढ़े और संगठनात्मक संतुलन बना रहे।


3. रिपोर्ट गोविंद सिंह डोटासरा को सौंपी जाएगी

उदयलाल आंजना ने बताया कि अनुशासन समिति अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को सौंपेगी। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व और आलाकमान स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति की भूमिका केवल फीडबैक देने की है, अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा।

यह प्रक्रिया दिखाती है कि कांग्रेस नेतृत्व किसी भी राजनीतिक कदम को औपचारिक समीक्षा और संगठनात्मक राय के आधार पर ही आगे बढ़ा रहा है।


4. किन नेताओं की वापसी पर चर्चा?

आंजना के अनुसार, महेंद्रजीत सिंह मालवीया के अलावा कांता भील, खिलाड़ी लाल बैरवा, कैलाश मीणा, सुभाष तंबोली और गोपाल गुर्जर की कांग्रेस में संभावित वापसी के एजेंडे पर भी चर्चा हुई है। सभी मामलों को रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है।

एक साथ कई नेताओं की वापसी कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है, खासकर आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से।


5. “कांग्रेस से बेहतर कोई पार्टी नहीं”

उदयलाल आंजना ने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर गए थे, वे कांग्रेस परिवार का ही हिस्सा थे। अब उन्हें यह महसूस हुआ है कि कांग्रेस से बेहतर कोई पार्टी नहीं है। जो भी नेता वापस आना चाहता है, पार्टी उसके लिए दरवाजे खुले रखेगी।

यह बयान कांग्रेस की ‘ओपन डोर पॉलिसी’ को दर्शाता है, लेकिन साथ ही संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की चुनौती भी सामने लाता है।


6. भाजपा में असंतोष के संकेत, और नेताओं की एंट्री संभव

अनुशासन समिति की सदस्य शकुंतला रावत ने दावा किया कि भाजपा में कई नेताओं का मोहभंग हो चुका है और वे कांग्रेस के संपर्क में हैं। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में भाजपा के और भी नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।

यदि यह दावा सच साबित होता है, तो यह राजस्थान की राजनीति में दल-बदल की नई लहर और सत्ता संतुलन में बदलाव का संकेत हो सकता है।


बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि महेंद्रजीत सिंह मालवीया की कांग्रेस में वापसी की संभावनाएं मजबूत हो चुकी हैं। हालांकि अंतिम फैसला अभी आलाकमान के हाथ में है, लेकिन इस मंथन ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं और संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं।

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