बढ़ती सर्दी और कोल्ड वेव के बीच यूपी में स्कूलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्देश, योगी सरकार ने उठाया बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप इतनी तेज़ी से बढ़ रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यभर के सभी स्कूलों को किसी भी तरह की स्वास्थ्य आपात स्थिति से बचने के लिए बंद करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला खासकर उन इलाकों के लिए लिया गया है जहाँ तापमान लगातार गिर रहा है और कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यालय आदेश जारी कर कहा कि बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोपरि है। इस सर्दी लहर में कई क्षेत्रों में तापमान बहुत कम दर्ज हो रहा है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को बंद करना आवश्यक बताया गया है।
आदेश का स्कोप — राज्य भर के सरकारी और निजी स्कूल
इस आदेश के तहत सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों को शामिल किया गया है। प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूल तक, सभी स्तरों पर कक्षाएं स्थगित की जाएँगी जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता। आदेश में यह भी कहा गया है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता।
कोल्ड वेव अलर्ट के कारण बड़ी परेशानी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए कोल्ड वेव / अत्यधिक शीत लहर की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में सुबह-सुबह तापमान बेहद कम दर्ज हो रहा है और धुंध तथा शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। सर्दी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
बच्चों और बुज़ुर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे, बुज़ुर्ग और कमज़ोर प्रतिरक्षा वाले लोग सर्दी और ठंडे मौसम के कारण आसानी से बीमार पड़ सकते हैं। स्कूल बंद होने से बच्चों का अनावश्यक बाहर निकलना कम होगा और संक्रमण तथा स्वास्थ्य समस्याओं से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह और तैयारी
स्वास्थ्य विभाग ने सर्दी के मौसमी प्रभावों से बचाव के लिए गृह उपचार, विटामिन-डी, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और गर्म कपड़ों का सुझाव दिया है। साथ ही अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को तत्काल प्रतिक्रिया टीमों और आपातगति उपकरणों के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
आम जनता और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
नागरिकों ने निर्णय का स्वागत किया है, लेकिन कुछ अभिभावकों ने कहा है कि वे चाहते हैं कि सरकार ऑनलाइन पढ़ाई या वैकल्पिक शिक्षण योजनाएँ भी उपलब्ध कराए ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। वहीं, कई लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के फैसले को सराहा है।