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80 साल से बंद सबवे स्टेशन में क्यों ली मेयर की शपथ? जोहरान ममदानी के फैसले का पूरा मतलब


न्यूयॉर्क सिटी के नए मेयर जोहरान ममदानी ने शपथ ग्रहण के लिए ऐसी जगह चुनी, जो आमतौर पर इतिहास की किताबों या म्यूजियम टूर तक ही सीमित रहती है। मैनहट्टन का 80 साल से बंद पड़ा ‘सिटी हॉल’ सबवे स्टेशन ममदानी की निजी शपथ का गवाह बना। यह सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक विज़न का प्रतीक भी माना जा रहा है।


🟠 निजी समारोह, ऐतिहासिक स्थान

भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर के रूप में निजी तौर पर शपथ ली। उन्हें न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस खास मौके के लिए ममदानी ने मैनहट्टन के ऐतिहासिक लेकिन बंद पड़े ‘सिटी हॉल’ सबवे स्टेशन को चुना।


🟠 न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर

जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर बने हैं। उन्होंने कुरान पर हाथ रखकर शपथ ली। शपथ के बाद ममदानी ने कहा कि यह पल उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और सौभाग्य है। इसके बाद वे सिटी हॉल में आयोजित होने वाले सार्वजनिक और औपचारिक समारोह में भी शपथ लेंगे।


🟠 सार्वजनिक समारोह में बड़ी राजनीतिक मौजूदगी

दोपहर में होने वाले औपचारिक समारोह में कई निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में सीनेटर बर्नी सैंडर्स ममदानी को शपथ दिलाएंगे, जिससे इस आयोजन का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।


🟠 ‘सिटी हॉल स्टेशन’ का ऐतिहासिक सफर

सिटी हॉल स्टेशन न्यूयॉर्क के सबसे पुराने और मूल सबवे स्टेशनों में से एक है। यहां से 27 अक्टूबर 1904 को न्यूयॉर्क की पहली सबवे ट्रेन रवाना हुई थी। यह स्टेशन पहली सबवे लाइन का शुरुआती पड़ाव था, जो यात्रियों को ब्रॉन्क्स तक ले जाती थी।


🟠 खूबसूरती के लिए मशहूर स्टेशन

यह स्टेशन अपनी मेहराबदार छतों, झूमरों, कांच के रोशनदानों और सजी हुई टाइलों के लिए जाना जाता है। हरे और क्रीम रंग की टाइलें, पीतल की लाइटें और पार्क की ओर खुलने वाले रोशनदान इसे वास्तुकला का अनोखा नमूना बनाते हैं।


🟠 क्यों बंद हुआ था स्टेशन

समय के साथ यात्रियों की संख्या और ट्रेनों की लंबाई बढ़ती गई। सिटी हॉल स्टेशन का प्लेटफॉर्म मुड़ा हुआ था, जो नई और लंबी ट्रेनों के अनुकूल नहीं रहा। इसी वजह से 1945 में इसे बंद कर दिया गया। नए साल की पूर्व संध्या पर यहां से आखिरी ट्रेन गुज़री थी।


🟠 80 साल बाद भी सुरक्षित धरोहर

करीब आठ दशकों से बंद होने के बावजूद यह स्टेशन आज भी अच्छी हालत में है। आम लोग इसे न्यूयॉर्क ट्रांजिट म्यूजियम के विशेष टूर के जरिए या डाउनटाउन जाने वाली कुछ सबवे ट्रेनों से गुजरते हुए देख सकते हैं।


🟠 ममदानी के चुनावी वादों से जुड़ा संदेश

ममदानी ने चुनाव प्रचार के दौरान मुफ्त सार्वजनिक परिवहन जैसे बड़े वादे किए थे। माना जाता है कि इन वादों ने उनकी जीत में अहम भूमिका निभाई। ऐसे में अपने कार्यकाल की शुरुआत एक ऐतिहासिक सबवे स्टेशन से करना एक सोचा-समझा प्रतीकात्मक फैसला माना जा रहा है।


🟠 क्या संदेश देना चाहते हैं ममदानी

ममदानी का कहना है कि यह स्टेशन उनकी सरकार के उद्देश्य का प्रतीक है। उनके मुताबिक, जब 1904 में यह स्टेशन खुला था, तब न्यूयॉर्क सुंदर होने के साथ-साथ बड़े और लोक कल्याण से जुड़े फैसलों के लिए जाना जाता था। वे उसी सोच को आगे बढ़ाना चाहते हैं।


🟠 अतीत से भविष्य की ओर

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बंद पड़े सबवे स्टेशन में शपथ लेना यह संदेश देता है कि ममदानी की सरकार आम यात्रियों, सार्वजनिक परिवहन और मेहनतकश वर्ग को प्राथमिकता देगी। साथ ही यह फैसला न्यूयॉर्क के गौरवशाली अतीत और संभावित नए दौर के बीच एक सेतु की तरह देखा जा रहा है।

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