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सरिस्का में पांडूपोल मंदिर का रास्ता बंद

सिलिबेरी गेट बंद होने पर जूली की चेतावनी, श्रद्धालुओं में आक्रोश


🚧 अचानक बंद हुआ आस्था का प्रमुख मार्ग

राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व में स्थित प्रसिद्ध पांडूपोल हनुमान मंदिर जाने वाला सिलिबेरी गेट अचानक बंद किए जाने से विवाद खड़ा हो गया है. बिना वैकल्पिक व्यवस्था के लिए गए इस फैसले से श्रद्धालु और स्थानीय ग्रामीण नाराज़ हैं. विपक्ष ने इसे आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकार को चेतावनी दी है.


🛕 पांडूपोल हनुमान मंदिर: आस्था का बड़ा केंद्र

पांडूपोल हनुमान जी का मंदिर राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है. हर दिन यहां हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
सिलिबेरी गेट लंबे समय से मंदिर तक पहुंचने का सबसे सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग माना जाता रहा है, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण भी करते हैं.


😠 बिना कारण बंद होने से फैला असंतोष

स्थानीय लोगों का कहना है कि गेट को न तो किसी स्पष्ट कारण से बंद किया गया और न ही कोई वैकल्पिक मार्ग पहले से तैयार किया गया.
इस फैसले के खिलाफ ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपे हैं. लोगों का आरोप है कि इस कदम से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और रोजमर्रा की आवाजाही बाधित हुई है.


👵 बुजुर्गों, महिलाओं और बीमारों को सबसे ज्यादा परेशानी

सिलिबेरी गेट बंद होने के बाद श्रद्धालुओं को अब लंबे और दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होकर मंदिर जाना पड़ रहा है.
खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह मार्ग जोखिम भरा साबित हो रहा है. कई लोग अब दर्शन से ही वंचित हो रहे हैं, जिससे नाराज़गी और बढ़ रही है.


💼 स्थानीय जीवन और रोजगार पर भी असर

गेट बंद होने से सिर्फ धार्मिक गतिविधियां ही नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है.
मंदिर पर निर्भर छोटे व्यापार, दुकानदार और स्थानीय परिवहन सेवाएं ठप पड़ने लगी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला उनके जीवन और रोज़गार दोनों पर भारी पड़ रहा है.


🗳️ टीकाराम जूली का सरकार पर हमला

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सिलिबेरी गेट बंद किए जाने को “दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीन निर्णय” बताया है.
उन्होंने कहा कि सरकार को भगवान और भक्तों के रास्ते में रुकावट नहीं डालनी चाहिए. जूली ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो विरोध और तेज किया जाएगा.


✉️ मुख्यमंत्री को पत्र, तुरंत खोलने की मांग

टीकाराम जूली ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सिलिबेरी गेट को तुरंत खोलने की मांग की है.
उन्होंने कहा कि बिना वजह का यह बंद होना अन्यायपूर्ण है और भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है. विपक्ष इसे सरकार की लापरवाही बता रहा है.


🧠 आस्था बनाम प्रशासनिक निर्णय

यह मामला अब सिर्फ एक गेट बंद होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धार्मिक आस्था, जनसुविधा और प्रशासनिक संवेदनशीलता का सवाल बन गया है.
अगर सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो यह मुद्दा बड़े जनआंदोलन और राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है.

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