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‘तू मुझे सड़क पर लाना चाहता है’ — जब सलमान खान के ऑफर पर भड़क गए थे सुपरस्टार राजेश खन्ना

नई दिल्ली।
बॉलीवुड में कुछ घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि स्टारडम की पहचान बन जाते हैं। जैसे सलमान खान का गैलेक्सी अपार्टमेंट, शाहरुख खान का मन्नत और अमिताभ बच्चन का जलसा। इन्हीं की तरह हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का बंगला ‘आशीर्वाद’ भी कभी फैंस के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं था।

लेकिन समय बदला, शोहरत ढली और वही ‘आशीर्वाद’ एक दौर में बिकने की कगार तक पहुंच गया। इसी दौरान सलमान खान से जुड़ा एक किस्सा सामने आया, जिसने खुद राजेश खन्ना को बेहद नाराज कर दिया था।

जब स्टारडम ढलने लगा

लेखक चिंतामणी की किताब के मुताबिक, राजेश खन्ना को जितनी तेजी से सफलता मिली, उतनी ही तेजी से उनका करियर ढलान पर आया।
1973 में जंजीर की रिलीज के साथ अमिताभ बच्चन ‘एंग्री यंग मैन’ बनकर उभरे। शोले और दीवार जैसी फिल्मों ने बिग बी को सुपरस्टार बना दिया और राजेश खन्ना का दबदबा धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा।

राजेश खन्ना ने वापसी की कई कोशिशें कीं, लेकिन न तो वही शोहरत लौट सकी और न ही पहले जैसा आर्थिक रुतबा।

इनकम टैक्स नोटिस और मुश्किल वक्त

किताब में यह भी जिक्र है कि इसी दौर में राजेश खन्ना को इनकम टैक्स विभाग से डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा के बकाया का नोटिस मिला। यह उनके लिए बड़ा झटका था और हालात इतने खराब हो गए कि ‘आशीर्वाद’ को बेचने की नौबत आ गई।

सलमान का ऑफर और खन्ना का गुस्सा

इसी बीच सलमान खान और उनके भाई सोहेल खान ने स्क्रीनराइटर रूमी जाफरी के जरिए यह इच्छा जताई कि वे ‘आशीर्वाद’ को खरीदना चाहते हैं।
बताया जाता है कि सलमान इस बंगले को खरीदने को लेकर इतने गंभीर थे कि उन्होंने राजेश खन्ना के प्रोडक्शन हाउस में बिना पैसे के काम करने तक का ऑफर दे दिया।

लेकिन जब यह बात रूमी जाफरी ने राजेश खन्ना को बताई, तो सुपरस्टार आगबबूला हो गए।
किताब के अनुसार, राजेश खन्ना ने कहा—

“मैं तुम्हें दामाद मानता हूं और तू मेरा घर बिकवाना चाहता है? तू मुझे सड़क पर लाना चाहता है।”

सोहेल खान को भी लगाई फटकार

इतना ही नहीं, बाद में जब राजेश खन्ना की मुलाकात सोहेल खान से हुई, तो उन्होंने उन्हें भी इस बात को लेकर कड़ी फटकार लगाई।
‘आशीर्वाद’ सिर्फ एक बंगला नहीं था, बल्कि राजेश खन्ना की पहचान, उनका स्वाभिमान और उनका पूरा अतीत उससे जुड़ा हुआ था।

शोहरत, रिश्ते और टूटते सपने

यह किस्सा बॉलीवुड की उन कड़वी सच्चाइयों में से एक है, जहां शोहरत के ढलते ही हालात, रिश्ते और फैसले सब बदल जाते हैं। ‘आशीर्वाद’ की कहानी सिर्फ एक घर की नहीं, बल्कि उस दौर की है जब हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार अपने सबसे मुश्किल समय से गुजर रहा था।

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