2026 में दुनिया के 5 बड़े चुनाव, जिन पर भारत की नजर रहेगी
2025 में लगभग 70 देशों के मतदाताओं ने अपने नेताओं का चुनाव किया। अब 2026 में भी कई अहम देशों में चुनाव होने जा रहे हैं, जिनका प्रभाव न केवल वहां बल्कि भारत और वैश्विक राजनीति पर भी पड़ सकता है। जानिए किन पांच चुनावों पर भारत की नजर रहेगी।
🔹 बांग्लादेश आम चुनाव: 12 फरवरी 2026
सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण
अगस्त 2024 में छात्र आंदोलनों के कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को हटाया गया था। फरवरी 2026 का चुनाव बांग्लादेश के राजनीतिक भविष्य के लिए अहम है। BNP अब तारिक रहमान के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन भी मजबूत दावेदार है। भारत के लिए सीमा सुरक्षा, व्यापार और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर यह चुनाव महत्वपूर्ण है।
🔹 नेपाल: 5 मार्च 2026
जनता चुनेगी नई सरकार
नेपाल में 275 सीटों वाली लोकसभा के लिए 5 मार्च को चुनाव होंगे। जनता 165 सीधे और 110 प्रतिनिधि सीटों पर अपने नेता चुनेंगी। बहुमत हासिल करने के लिए कम-से-कम 138 सीटें जरूरी हैं। नेपाल का चुनाव भारत के लिए सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
🔹 इजरायल संसद का चुनाव: 27 अक्टूबर 2026
नेतन्याहू का भविष्य और मध्य-पूर्व की राजनीति तय होगी
120 सदस्यों वाली नेसेट के लिए होने वाला यह चुनाव इजरायल में राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा स्थिति के बीच हो रहा है। इसका नतीजा नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य, लोकतांत्रिक ढांचे और अमेरिका समेत अन्य देशों के साथ रिश्तों को प्रभावित करेगा।
🔹 अमेरिका मिडटर्म चुनाव: 3 नवंबर 2026
ट्रंप के लिए रिपोर्ट कार्ड
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में सदन की सीटें तय होंगी। ऐतिहासिक तौर पर मौजूदा राष्ट्रपति की पार्टी को नुकसान होता है। ट्रंप के लिए यह उनके कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड है। इस चुनाव के नतीजे भारत-अमेरिका रिश्तों, रक्षा सहयोग और व्यापार पर असर डाल सकते हैं।
🔹 ब्राजील राष्ट्रपति चुनाव: 4 अक्टूबर 2026
ब्राजील के नेतृत्व का वैश्विक महत्व
ब्राजील में अक्टूबर 2026 में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राष्ट्रीय कांग्रेस और राज्य गवर्नर पदों के लिए चुनाव होंगे। देश की धीमी आर्थिक वृद्धि, महंगाई और अपराध जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। BRICS समूह के प्रमुख सदस्य होने के कारण ब्राजील का नेतृत्व भारत की वैश्विक कूटनीति को प्रभावित करेगा।