दुबई में फैसल करीम का दावा: “मैंने हादी को नहीं मारा, हत्या के पीछे जमात”
बांग्लादेश में इंकलाब मंच के छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी माने जा रहे फैसल करीम मसूद ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर हत्या में शामिल होने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। मसूद का दावा है कि वह दुबई में है और हादी की हत्या के पीछे जमात का हाथ है।
🔹 मसूद का दावा: हत्या में नहीं, साजिश पर आधारित मामला
“मैंने हादी की हत्या में कोई भूमिका नहीं निभाई”
वीडियो में फैसल करीम मसूद ने कहा कि हादी की हत्या का केस झूठा और मनगढ़ंत है। उसने आरोप लगाया कि हत्या के पीछे जमात के लोग हैं और हादी खुद उनका उत्पाद था।
🔹 भारत भागने के आरोपों को खारिज
“मैं भारत नहीं, दुबई में हूं”
मसूद ने बांग्लादेश पुलिस के दावे को चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि वह भारत भाग गया। उसने बताया कि वह बड़ी मुश्किल से बांग्लादेश छोड़कर दुबई पहुंचा, जहां उसके पास 5 साल का मल्टीपल एंट्री वीजा है। सोशल मीडिया पर उसके वीजा की फोटो भी वायरल हो रही है।
🔹 हादी के साथ संबंध और एडवांस रकम
“मैं बिजनेसमैन हूं, हादी से पैसे का लेन-देन था”
मसूद ने बताया कि वह एक आईटी कंपनी चलाते हैं और पहले वित्त मंत्रालय में काम कर चुके हैं। हादी के ऑफिस उन्होंने नौकरी के सिलसिले से दौरा किया था और हादी को 5 लाख टका एडवांस भी दिया।
🔹 हमले में मोटरसाइकिल पर मौजूदगी से इनकार
“न तो मैं, न मेरा भाई उस बाइक पर था”
मसूद ने स्पष्ट किया कि हादी के हमले में इस्तेमाल मोटरसाइकिल पर न तो वह थे और न ही उनका भाई। उन्होंने कहा कि उन्हें जानबूझकर फंसाया गया।
🔹 भारत सरकार ने आरोप खारिज किए
“भारत में प्रवेश का दावा पूरी तरह झूठ”
बांग्लादेश पुलिस ने कहा था कि मसूद और आलमगीर शेख मयमनसिंह जिले से भारत में दाखिल हुए। हालांकि, भारत सरकार ने इस दावे को सख्ती से खारिज किया और कहा कि चरमपंथी तत्व झूठा नैरेटिव बना रहे हैं।
🔹 हादी की मौत और बांग्लादेश में हिंसा
“हादी की मौत के बाद ढाका में हिंसा भड़क उठी”
12 दिसंबर को नकाबपोश हमलावरों ने हादी को गोली मारी, और 6 दिन बाद सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद ढाका में हिंसा भड़क उठी, अल्पसंख्यकों पर हमले हुए और कई जगह आगजनी हुई।